बुनियादी ढांचे में सरकारी निवेश से चमका खनन एवं निर्माण उपकरण उद्योग, FY26 में 1.40 लाख यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री

देश में इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) के विकास को लेकर सरकार के निरंतर निवेश का असर अब घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर साफ दिखने लगा है। भारतीय खनन एवं निर्माण उपकरण (Mining and Construction Equipment) उद्योग ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1.40 लाख से अधिक इकाइयों (यूनिट्स) की सकल बिक्री दर्ज की है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले सालाना आधार पर तीन प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह जानकारी मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित 'माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट समिट' के दौरान सामने आई। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।इसे भी पढ़ें: मेघालय में पति की हत्या की आरोपी सोनम की जमानत के खिलाफ याचिका पर 21 जुलाई को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट  टीकेआईएल इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विवेक भाटिया ने मंगलवार को कहा कि खनन एवं निर्माण उपकरण क्षेत्र आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरा है। यह विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास, खनन गतिविधियों के विस्तार तथा विनिर्माण, ऊर्जा सुरक्षा एवं प्रौद्योगिकी प्रगति के लिए आवश्यक खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग का निर्यात 31.5 प्रतिशत बढ़ा है। यह इस क्षेत्र में संरचनात्मक बदलाव का संकेत है, जहां भारतीय विनिर्माता केवल घरेलू मांग पूरी करने तक सीमित नहीं रहकर विदेशी बाजारों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी बना रहे हैं। स्थानीयकरण में वृद्धि, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण इसकी प्रमुख वजह हैं। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट समिट’ को संबोधित करते हुए भाटिया ने कहा कि बुनियादी ढांचे के सभी क्षेत्रों में सरकार के लगातार निवेश से इस उद्योग की वृद्धि को गति मिली है।इसे भी पढ़ें: Argentina vs England Rivalry: मेस्सी का जादू या केन का वार, सेमीफाइनल में फिर दिखेगी 'Hand of God' वाली दुश्मनी उन्होंने कहा कि उद्योग तेजी से मशीनीकरण, विश्वस्तरीय उपकरणों और नवीनतम पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों को अपना रहा है। भाटिया ने कहा कि भारत पांच लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा यह देश के विकास की यात्रा का एक निर्णायक दौर है। उन्होंने कहा कि राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, शहरी बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिजों पर बढ़ते जोर ने इस उद्योग के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा किए हैं।

PNSPNS
Jul 15, 2026 - 13:14
 0
बुनियादी ढांचे में सरकारी निवेश से चमका खनन एवं निर्माण उपकरण उद्योग, FY26 में 1.40 लाख यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री

देश में इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) के विकास को लेकर सरकार के निरंतर निवेश का असर अब घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर साफ दिखने लगा है। भारतीय खनन एवं निर्माण उपकरण (Mining and Construction Equipment) उद्योग ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1.40 लाख से अधिक इकाइयों (यूनिट्स) की सकल बिक्री दर्ज की है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले सालाना आधार पर तीन प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह जानकारी मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित 'माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट समिट' के दौरान सामने आई। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।

इसे भी पढ़ें: मेघालय में पति की हत्या की आरोपी सोनम की जमानत के खिलाफ याचिका पर 21 जुलाई को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

 

टीकेआईएल इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विवेक भाटिया ने मंगलवार को कहा कि खनन एवं निर्माण उपकरण क्षेत्र आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरा है।

यह विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास, खनन गतिविधियों के विस्तार तथा विनिर्माण, ऊर्जा सुरक्षा एवं प्रौद्योगिकी प्रगति के लिए आवश्यक खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग का निर्यात 31.5 प्रतिशत बढ़ा है। यह इस क्षेत्र में संरचनात्मक बदलाव का संकेत है, जहां भारतीय विनिर्माता केवल घरेलू मांग पूरी करने तक सीमित नहीं रहकर विदेशी बाजारों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी बना रहे हैं।

स्थानीयकरण में वृद्धि, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण इसकी प्रमुख वजह हैं। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट समिट’ को संबोधित करते हुए भाटिया ने कहा कि बुनियादी ढांचे के सभी क्षेत्रों में सरकार के लगातार निवेश से इस उद्योग की वृद्धि को गति मिली है।

इसे भी पढ़ें: Argentina vs England Rivalry: मेस्सी का जादू या केन का वार, सेमीफाइनल में फिर दिखेगी 'Hand of God' वाली दुश्मनी

उन्होंने कहा कि उद्योग तेजी से मशीनीकरण, विश्वस्तरीय उपकरणों और नवीनतम पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों को अपना रहा है। भाटिया ने कहा कि भारत पांच लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा यह देश के विकास की यात्रा का एक निर्णायक दौर है। उन्होंने कहा कि राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, शहरी बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिजों पर बढ़ते जोर ने इस उद्योग के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा किए हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow