स्रेब्रेनीत्सा की भयावह स्मृतियाँ: ‘डर ही था, जिसने मुझे आगे बढ़ते रहने की ताक़त दी’

संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को जुलाई 1995 में स्रेब्रेनीत्सा में मारे गए 8 हज़ार से अधिक बोसनियाई मुस्लिम पुरुषों और किशोरों को श्रद्धाँजलि दी. साथ ही, उन महिलाओं और जनसंहार से जीवित बचे लोगों को भी याद किया गया, जिन्हें इस त्रासदी के बाद अपना जीवन फिर से बसाने के लिए अथक संघर्ष करना पड़ा.

PNSPNS
Jul 12, 2026 - 22:26
 0
स्रेब्रेनीत्सा की भयावह स्मृतियाँ: ‘डर ही था, जिसने मुझे आगे बढ़ते रहने की ताक़त दी’
संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को जुलाई 1995 में स्रेब्रेनीत्सा में मारे गए 8 हज़ार से अधिक बोसनियाई मुस्लिम पुरुषों और किशोरों को श्रद्धाँजलि दी. साथ ही, उन महिलाओं और जनसंहार से जीवित बचे लोगों को भी याद किया गया, जिन्हें इस त्रासदी के बाद अपना जीवन फिर से बसाने के लिए अथक संघर्ष करना पड़ा.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow