Geeta Dutt Death Anniversary: गुरु दत्त का इश्क बना था गीता दत्त की मौत की वजह, सिंगर बन इंडस्ट्री पर किया था राज

आज ही के दिन यानी की 20 जुलाई को फेमस गायिका गीता दत्त का निधन हो गया था। हिंदी सिनेमा में गीता दत्त को एक पार्श्व गायिका के रूप में विशेष पहचान मिली थी। भले ही आज गीता दत्त हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह अपने गानों के जरिए अपने प्रशंसकों के दिलों में जिंदा रहेंगी। गीता दत्त के गानों लता मंगेशकर भी मुरीद हुआ करती थीं। उन्होंने तमाम सुपरहिट गानों में अपनी आवाज दी थी। जिनको दर्शक आज भी गुनगुनाते हैं। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर गीता दत्त के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारभारत के विभाजन से पहले फरीदपुर में 23 नवंबर 1930 को गीता दत्त का जन्म हुआ था। उनका असली नाम गीता घोष रॉय चौधरी था। वह बांग्लादेश के फरीदपुर जिले की रहने वाली थीं। लेकिन 40 के दशक में गीता का परिवार कोलकात आ गया था। गीता दत्त का संगीत से जुड़ाव बचपन से ही हो गया था। असल में गीता दत्त की मां अमिय देवी एक कवियत्री थीं और उनके पिता मुकुल रॉय संगीतकार थे।सिंगिंग करियरगीता दत्त ने छोटी उम्र से ही गाना शुरूकर दिया था। लेकिन गीता को बतौर सिंगर पहला ब्रेक साल 1946 में मिला था। जब वह महज 16 साल की थीं। गीता दत्त ने फिल्म 'भक्त प्रह्वाद' के एक गाने में दो लाइनें गाई थीं। फिर उन्होंने फिल्म 'दो भाई' के गाने में अपनी आवाज दी।इसे भी पढ़ें: Rajesh Khanna Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना, बैक टू बैक दी थीं 15 हिट फिल्मेंअफेयर और शादीफिल्म 'बाजी' की शूटिंग के दौरान गीता की गुरु दत्त से दोस्ती हो गई। इस फिल्म के गाने 'तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले' में गीता ने अपनी आवाज दी थी। यह गाना सुपरहिट रहा था। गुरु और गीता की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई और साल 1953 में दोनों ने शादी कर ली। इसके बाद गीता और गुरु के तीन बच्चे तरुण, नीना और अरुण हुए। दोनों की लाइफ बहुत अच्छी चल रही थी।वहीदा रहमान की एंट्रीगुरु और गीता की शादी काफी अच्छी चल रही थी और फिर गुरुदत्त की जिंदगी में वहीदा रहमान की एंट्री हुई। गुरु दत्त का वहीदा की तरफ झुकाव बढ़ता जा रहा था। इस वजह से गुरु दत्त और गीता दत्त के रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा। साल 1957 में गुरु दत्त और गीता दत्त की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई और दोनों अलग-अलग रहने लगे।पति की मौत से याददाश्त खो बैठीं गीतागीता दत्त अपने पति से बेहद प्यार करती थीं। गीता ने निजी जिंदगी में परेशानी के कारण अपने काम पर ध्यान देना बंद कर दिया। जिस कारण इंडस्ट्री के लोगों ने गीता दत्त से मुंह मोड़ लिया। वहीं साल 1964 में गुरु दत्त के अचानक निधन की खबरें आईं। बताया जाता है कि गुरु दत्त ने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। पति की मौत ने गीता दत्त को तोड़कर रख दिया था।मृत्युअभिनेता गुरु दत्त की मौत के बाद गीता दत्त की जिंदगी में एक समय वह भी आया, जब गीता अपनी याददाश्त खो बैठी थीं। कुछ समय बाद गीता की हालत ऐसी हो गई कि वह अपने बच्चों को भी नहीं पहचानती थीं। हालांकि समय के साथ गीता दत्त की हालात में सुधार आया और आर्थिक तंगी की वजह से एक बार उन्होंने फिर से गाने की कोशिश की। लेकिन 20 जुलाई 1972 को 41 साल की उम्र में गीता दत्त ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।

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Jul 21, 2025 - 04:30
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Geeta Dutt Death Anniversary: गुरु दत्त का इश्क बना था गीता दत्त की मौत की वजह, सिंगर बन इंडस्ट्री पर किया था राज
आज ही के दिन यानी की 20 जुलाई को फेमस गायिका गीता दत्त का निधन हो गया था। हिंदी सिनेमा में गीता दत्त को एक पार्श्व गायिका के रूप में विशेष पहचान मिली थी। भले ही आज गीता दत्त हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह अपने गानों के जरिए अपने प्रशंसकों के दिलों में जिंदा रहेंगी। गीता दत्त के गानों लता मंगेशकर भी मुरीद हुआ करती थीं। उन्होंने तमाम सुपरहिट गानों में अपनी आवाज दी थी। जिनको दर्शक आज भी गुनगुनाते हैं। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर गीता दत्त के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

भारत के विभाजन से पहले फरीदपुर में 23 नवंबर 1930 को गीता दत्त का जन्म हुआ था। उनका असली नाम गीता घोष रॉय चौधरी था। वह बांग्लादेश के फरीदपुर जिले की रहने वाली थीं। लेकिन 40 के दशक में गीता का परिवार कोलकात आ गया था। गीता दत्त का संगीत से जुड़ाव बचपन से ही हो गया था। असल में गीता दत्त की मां अमिय देवी एक कवियत्री थीं और उनके पिता मुकुल रॉय संगीतकार थे।

सिंगिंग करियर

गीता दत्त ने छोटी उम्र से ही गाना शुरूकर दिया था। लेकिन गीता को बतौर सिंगर पहला ब्रेक साल 1946 में मिला था। जब वह महज 16 साल की थीं। गीता दत्त ने फिल्म 'भक्त प्रह्वाद' के एक गाने में दो लाइनें गाई थीं। फिर उन्होंने फिल्म 'दो भाई' के गाने में अपनी आवाज दी।

इसे भी पढ़ें: Rajesh Khanna Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना, बैक टू बैक दी थीं 15 हिट फिल्में

अफेयर और शादी

फिल्म 'बाजी' की शूटिंग के दौरान गीता की गुरु दत्त से दोस्ती हो गई। इस फिल्म के गाने 'तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले' में गीता ने अपनी आवाज दी थी। यह गाना सुपरहिट रहा था। गुरु और गीता की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई और साल 1953 में दोनों ने शादी कर ली। इसके बाद गीता और गुरु के तीन बच्चे तरुण, नीना और अरुण हुए। दोनों की लाइफ बहुत अच्छी चल रही थी।

वहीदा रहमान की एंट्री

गुरु और गीता की शादी काफी अच्छी चल रही थी और फिर गुरुदत्त की जिंदगी में वहीदा रहमान की एंट्री हुई। गुरु दत्त का वहीदा की तरफ झुकाव बढ़ता जा रहा था। इस वजह से गुरु दत्त और गीता दत्त के रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा। साल 1957 में गुरु दत्त और गीता दत्त की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई और दोनों अलग-अलग रहने लगे।

पति की मौत से याददाश्त खो बैठीं गीता

गीता दत्त अपने पति से बेहद प्यार करती थीं। गीता ने निजी जिंदगी में परेशानी के कारण अपने काम पर ध्यान देना बंद कर दिया। जिस कारण इंडस्ट्री के लोगों ने गीता दत्त से मुंह मोड़ लिया। वहीं साल 1964 में गुरु दत्त के अचानक निधन की खबरें आईं। बताया जाता है कि गुरु दत्त ने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। पति की मौत ने गीता दत्त को तोड़कर रख दिया था।

मृत्यु

अभिनेता गुरु दत्त की मौत के बाद गीता दत्त की जिंदगी में एक समय वह भी आया, जब गीता अपनी याददाश्त खो बैठी थीं। कुछ समय बाद गीता की हालत ऐसी हो गई कि वह अपने बच्चों को भी नहीं पहचानती थीं। हालांकि समय के साथ गीता दत्त की हालात में सुधार आया और आर्थिक तंगी की वजह से एक बार उन्होंने फिर से गाने की कोशिश की। लेकिन 20 जुलाई 1972 को 41 साल की उम्र में गीता दत्त ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।

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