24 घंटे के अंदर हूतियों ने सऊदी से लिया बदला, एयरपोर्ट पर तबाही

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर एक बार फिर बड़ा हमला करते हुए आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई बैलस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। हमले के बाद एयरपोर्ट परिसर में आग और काले धुएं का घना गुबार उठता हुआ दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में धमाकों के बाद एयरपोर्ट के आसपास धुएं और आग की लपटें नजर आ रही हैं। इस हमले ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। हमले की जिम्मेदारी होती विद्रोहियों ने खुद ली है। संगठन के प्रवक्ता याहिया सारी ने आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया कि आभा एयरपोर्ट पर कई मिसाइलें दागी गई और अभियान पूरी तरह से सफल रहा। उनके मुताबिक सभी मिसाइलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य को सटीक तरीके से निशाना बनाया। यासारी ने कहा कि यह कार्रवाई यमन के सना एयरपोर्ट और देश के अन्य इलाकों पर हुए हालिया हवाई हमलों के जवाब में की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यमन पर हमले जारी रहेंगे तब तक हूदी सऊदी अरब के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते रहेंगे। इसे भी पढ़ें: Saudi Arabia का बड़ा दांव, सस्ते Crude Oil से Rupee हुआ मजबूत, Dollar पर बढ़ा दबावहूती प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि उनके लड़ाके अब पहले से कहीं ज्यादा क्षमता के साथ जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। उनका दावा है कि सऊदी अरब के महत्वपूर्ण सैन्य और आर्थिक ठिकाने, उनकी मिसाइल और ड्रोन्स की जद में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी कई ऐसे हमले जारी रहेंगे और अगर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपने अभियान नहीं रोके तो कार्रवाई और ज्यादा तेज की जाएगी। आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहले भीती हमलों का निशाना बन चुका है। दक्षिण पश्चिमी सऊदी अरब में स्थित यह एयरपोर्ट रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यमन सीमा के अपेक्षाकृत करीब होने के कारण कई बार मिसाइल और ड्रोन हमलों की जद में आ चुका है। इस बार कई मिसाइलों के एक साथ किए गए हमलों ने सुरक्षा एजेंसियों की और ज्यादा चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि इस हमले में बहुत ज्यादा नुकसान दिखाई दे रहा है जो कि तस्वीरों में भी देखा जा सकता है। जानकार मानते हैं कि हमला केवल एक सैन्य कारवाई नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है। हाल के दिनों में यमन में संघर्ष फिर तेज हुआ है और दोनों पक्ष लगातार एक दूसरे के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। ऐसे में सऊदी अरब के भीतर महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाकर हुती ये दिखाना चाहते हैं कि उनकी मिसाइल क्षमता अभी भी बरकरार है और वे लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। इसे भी पढ़ें: रुपये में शानदार मजबूती! डॉलर के मुकाबले 15 पैसे सुधरा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार का सेंटिमेंट मजबूतमध्य पूर्व में पहले से ही ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगियों के बीच बड़े तनाव के दौरान यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आया है। अगर आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर केवल यमन और सऊदी अरब तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में हवाई सुरक्षा ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नज़रें सऊदी अरब की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित जवाबी कार्रवाही पर टिकी हुई हैं। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल हुरमू जलडमरू मध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा बयान ने इस विवाद को और भड़का दिया है। जिसके बाद ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा कि होर्मुज के प्रबंधन में किसी भी अमेरिकी दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

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Jul 15, 2026 - 13:10
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24 घंटे के अंदर हूतियों ने सऊदी से लिया बदला, एयरपोर्ट पर तबाही
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर एक बार फिर बड़ा हमला करते हुए आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई बैलस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। हमले के बाद एयरपोर्ट परिसर में आग और काले धुएं का घना गुबार उठता हुआ दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में धमाकों के बाद एयरपोर्ट के आसपास धुएं और आग की लपटें नजर आ रही हैं। इस हमले ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। हमले की जिम्मेदारी होती विद्रोहियों ने खुद ली है। संगठन के प्रवक्ता याहिया सारी ने आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया कि आभा एयरपोर्ट पर कई मिसाइलें दागी गई और अभियान पूरी तरह से सफल रहा। उनके मुताबिक सभी मिसाइलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य को सटीक तरीके से निशाना बनाया। यासारी ने कहा कि यह कार्रवाई यमन के सना एयरपोर्ट और देश के अन्य इलाकों पर हुए हालिया हवाई हमलों के जवाब में की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यमन पर हमले जारी रहेंगे तब तक हूदी सऊदी अरब के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते रहेंगे। 

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हूती प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि उनके लड़ाके अब पहले से कहीं ज्यादा क्षमता के साथ जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। उनका दावा है कि सऊदी अरब के महत्वपूर्ण सैन्य और आर्थिक ठिकाने, उनकी मिसाइल और ड्रोन्स की जद में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी कई ऐसे हमले जारी रहेंगे और अगर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपने अभियान नहीं रोके तो कार्रवाई और ज्यादा तेज की जाएगी। आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहले भीती हमलों का निशाना बन चुका है। दक्षिण पश्चिमी सऊदी अरब में स्थित यह एयरपोर्ट रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यमन सीमा के अपेक्षाकृत करीब होने के कारण कई बार मिसाइल और ड्रोन हमलों की जद में आ चुका है। इस बार कई मिसाइलों के एक साथ किए गए हमलों ने सुरक्षा एजेंसियों की और ज्यादा चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि इस हमले में बहुत ज्यादा नुकसान दिखाई दे रहा है जो कि तस्वीरों में भी देखा जा सकता है। जानकार मानते हैं कि हमला केवल एक सैन्य कारवाई नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है। हाल के दिनों में यमन में संघर्ष फिर तेज हुआ है और दोनों पक्ष लगातार एक दूसरे के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। ऐसे में सऊदी अरब के भीतर महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाकर हुती ये दिखाना चाहते हैं कि उनकी मिसाइल क्षमता अभी भी बरकरार है और वे लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। 

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मध्य पूर्व में पहले से ही ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगियों के बीच बड़े तनाव के दौरान यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आया है। अगर आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर केवल यमन और सऊदी अरब तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में हवाई सुरक्षा ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नज़रें सऊदी अरब की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित जवाबी कार्रवाही पर टिकी हुई हैं। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल हुरमू जलडमरू मध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा बयान ने इस विवाद को और भड़का दिया है। जिसके बाद ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा कि होर्मुज के प्रबंधन में किसी भी अमेरिकी दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

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