लखनऊ: जमीन की रजिस्ट्री में गड़बड़ी और अवैध बाउंड्री निर्माण का आरोप, पीड़ित ने की पुलिस से एफआईआर की मांग
बक्षी का तालाब, लखनऊ।
ग्राम मिश्रीपुर, परगना महोना, तहसील बक्षी का तालाब में भूमि खरीद से जुड़े एक मामले में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि वैध रूप से खरीदी गई भूमि पर अवैध रूप से बाउंड्री बनाकर कब्ज़ा करने का प्रयास किया गया है, साथ ही रजिस्ट्री दस्तावेज़ों में सड़क का गलत विवरण दर्शाया गया है।
पीड़ित श्री मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि उनकी ओर से श्रीमती साधना सिंह एवं श्रीमती मंजुलता सिंह ने मेसर्स पितामह इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से लगभग 4000 वर्गफुट का आवासीय भूखंड क्रय किया था। उक्त भूमि का मूल स्वामी श्री परमेश्वर पुत्र श्री अंगनू है, जिनसे दिनांक 09 मई 2025 को संपूर्ण भुगतान कर विधिवत रजिस्ट्री कराई गई।
पीड़ित का कहना है कि रजिस्ट्री के दिन जब वे अपने प्लॉट पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि उनकी भूमि के एक हिस्से पर 2–3 फीट ऊँची बाउंड्री बना दी गई है, जिसे रोड बताया जा रहा है। पास के प्लॉट धारकों द्वारा यह दावा किया गया कि उनकी रजिस्ट्री में 16 फीट चौड़ी सड़क दर्शाई गई है।
हालांकि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कथित 16 फीट रोड का लगभग 8 फीट हिस्सा उनकी खरीदी गई भूमि (खसरा संख्या 647) में आता है, जबकि अन्य पक्ष की भूमि खसरा संख्या 646 में दर्ज है। पीड़ित का कहना है कि यह स्थिति गलत दस्तावेज़ीकरण और धोखाधड़ी का परिणाम है।
पीड़ितों ने इस संबंध में प्लॉट धारकों—श्री विजयपाल, श्रीमती सुनीता, श्रीमती किरन देवी, श्रीमती चमेली एवं श्रीमती कुशमा देवी से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन समाधान न होने पर उन्होंने पुलिस प्रशासन से भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत धोखाधड़ी, अतिक्रमण और दस्तावेज़ों में जालसाज़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पीड़ित पक्ष ने यह भी मांग की है कि विवादित भूमि पर बनी अवैध बाउंड्री को हटाया जाए और जब तक जांच पूरी न हो, तब तक यथास्थिति बनाए रखी जाए।
मामला रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और दस्तावेज़ी सत्यता से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करता है।
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