दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 108 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की इमारतों को 'असुरक्षित और खतरनाक' घोषित कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की सभी पुरानी सरकारी स्कूल इमारतों के तुरंत स्ट्रक्चरल ऑडिट (ढांचे की मजबूती की जांच) के आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनमें से 54 इमारतें बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में हैं। सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत आने वाले कुछ ही महीनों में सबसे पहले 7 स्कूल इमारतों को पूरी तरह ढहा दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग सभी स्कूल इमारतों की डिजिटल प्रोफाइलिंग करेगा, जिसमें ढांचे की मजबूती, आग से सुरक्षा और सुरक्षा के अन्य मानकों की जांच की जाएगी। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) मौजूदा स्कूल इमारतों की सुरक्षा जांच और लागत का आकलन करेगा। सरकार ने 27 खाली सरकारी प्लॉट पर नए पक्के स्कूल भवन बनाने की योजना भी शुरू की है। यह काम चरणों में किया जाएगा ताकि इस प्रक्रिया के दौरान छात्रों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।
उत्तरी दिल्ली में बनेगा डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी का नया कैंपस
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले उत्तरी दिल्ली के धीरपुर में डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली के नए कैंपस के निर्माण को मंज़ूरी दी थी, जिसकी अनुमानित लागत 1,668 करोड़ रुपये है। उम्मीद है कि इस नए कैंपस से राजधानी में अच्छी क्वालिटी वाली, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी और हज़ारों छात्रों को विश्व स्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति (Expenditure Finance Committee) ने, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री गुप्ता ने की, इस प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी। बैठक में दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, शिक्षा मंत्री आशीष सूद और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अब दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग इसे लागू करने के अगले चरणों पर काम करेगा। धीरपुर में बनने वाला नया अंबेडकर यूनिवर्सिटी कैंपस न केवल उच्च शिक्षा में दिल्ली की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि आधुनिक, समावेशी और टिकाऊ शैक्षिक माहौल के लिए एक नया मानक भी स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग 20 हेक्टेयर (50 एकड़) क्षेत्र में बनने वाले इस अत्याधुनिक कैंपस को चरणों में विकसित किया जाएगा, ताकि इसमें लगभग 8,000 छात्र पढ़ाई कर सकें। पहले चरण में, कैंपस में 5,400 छात्रों के रहने की क्षमता होगी। साथ ही, 840 छात्रों के लिए हॉस्टल और फैकल्टी व स्टाफ़ के लिए रहने की सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँगी।
नए कैंपस में आधुनिक एकेडमिक ब्लॉक, एक सेंट्रल लाइब्रेरी, एक एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग, छात्रों के लिए सुविधाएँ, 2,500 सीटों वाला एक बड़ा ऑडिटोरियम, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग की सुविधाएँ शामिल होंगी।