NEET Protest: Shashi Tharoor की Sonam Wangchuk से अपील, अनशन खत्म कर केंद्र से बात करें

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से आग्रह किया कि वे NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे अपने अनशन को खत्म करें। साथ ही, उन्होंने सरकार से बातचीत करने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा कदम उठाने से कमजोरी नहीं, बल्कि राजनेताओं वाली समझदारी और परिपक्वता दिखेगी। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को लिखे एक खुले पत्र में थरूर ने कहा कि सोमवार से संसद का सत्र फिर से शुरू हो रहा है, ऐसे में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर छात्रों के मुद्दों को उठाने का मौका मिलेगा। इसे भी पढ़ें: कुरैशी की पुस्तक से उठा सवाल, मनमोहन को 'आत्महत्या' के लिए क्यों 'मजबूर' कर रहे थे कांग्रेसी मंत्री?शशि थरूर ने कहा कि समस्या का समाधान वहीं होना चाहिए, न कि आमरण अनशन से। कृपया मेरी बात पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि मेरे प्यारे युवा दोस्तों, आज मैं आपसे एक राजनेता या सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर बात कर रहा हूँ जो युवा भारतीयों की आपकी पीढ़ी के साथ जो हो रहा है, उसे लेकर बहुत परेशान है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत मामला है। मेरा जन्म एक मध्यम-वर्गीय परिवार में हुआ था: मेरे पिता एक अख़बार में नौकरी करते थे और माँ गृहिणी थीं; एक ही आमदनी में तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाना पड़ता था।थरूर ने बताया कि उन्होंने मुंबई और कोलकाता में स्कूलिंग की, दिल्ली में कॉलेज की पढ़ाई की, यूनिवर्सिटी में टॉप किया और IIM में एडमिशन पाया, लेकिन इसके बजाय उन्होंने स्कॉलरशिप पर अमेरिका जाकर इंटरनेशनल अफेयर्स में अपने पैशन को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें कुछ भी विरासत में नहीं मिला था; उन्होंने सब कुछ कड़ी मेहनत और परीक्षाओं के ज़रिए हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Sutlej Film Controversy पर Ravneet Singh Bittu की राय से क्यों इत्तेफाक नहीं रखते कई BJP Sikh Leaders?उन्होंने कहा कि इसलिए मैं जानता हूँ कि कम और मध्यम आय वाले परिवारों के युवाओं के लिए आगे बढ़ने का एकमात्र ज़रिया एक निष्पक्ष और योग्यता-आधारित व्यवस्था है। जब यह ज़रिया ही टूट जाता है - जैसे पेपर लीक होना, परीक्षाएँ रद्द होना, भरोसा टूटना - तो अमीर और ताकतवर लोगों के बच्चों को कोई नुकसान नहीं होता। थरूर ने X पर लिखे अपने खुले पत्र में कहा कि उनके पास आगे बढ़ने के दूसरे रास्ते होते हैं। असल में आपके सपनों और आपके परिवारों के त्याग के साथ ही धोखा होता है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

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Jul 15, 2026 - 13:10
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NEET Protest: Shashi Tharoor की Sonam Wangchuk से अपील, अनशन खत्म कर केंद्र से बात करें
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से आग्रह किया कि वे NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे अपने अनशन को खत्म करें। साथ ही, उन्होंने सरकार से बातचीत करने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा कदम उठाने से कमजोरी नहीं, बल्कि राजनेताओं वाली समझदारी और परिपक्वता दिखेगी। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को लिखे एक खुले पत्र में थरूर ने कहा कि सोमवार से संसद का सत्र फिर से शुरू हो रहा है, ऐसे में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर छात्रों के मुद्दों को उठाने का मौका मिलेगा।
 

इसे भी पढ़ें: कुरैशी की पुस्तक से उठा सवाल, मनमोहन को 'आत्महत्या' के लिए क्यों 'मजबूर' कर रहे थे कांग्रेसी मंत्री?


शशि थरूर ने कहा कि समस्या का समाधान वहीं होना चाहिए, न कि आमरण अनशन से। कृपया मेरी बात पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि मेरे प्यारे युवा दोस्तों, आज मैं आपसे एक राजनेता या सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर बात कर रहा हूँ जो युवा भारतीयों की आपकी पीढ़ी के साथ जो हो रहा है, उसे लेकर बहुत परेशान है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत मामला है। मेरा जन्म एक मध्यम-वर्गीय परिवार में हुआ था: मेरे पिता एक अख़बार में नौकरी करते थे और माँ गृहिणी थीं; एक ही आमदनी में तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाना पड़ता था।

थरूर ने बताया कि उन्होंने मुंबई और कोलकाता में स्कूलिंग की, दिल्ली में कॉलेज की पढ़ाई की, यूनिवर्सिटी में टॉप किया और IIM में एडमिशन पाया, लेकिन इसके बजाय उन्होंने स्कॉलरशिप पर अमेरिका जाकर इंटरनेशनल अफेयर्स में अपने पैशन को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें कुछ भी विरासत में नहीं मिला था; उन्होंने सब कुछ कड़ी मेहनत और परीक्षाओं के ज़रिए हासिल किया।

 

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उन्होंने कहा कि इसलिए मैं जानता हूँ कि कम और मध्यम आय वाले परिवारों के युवाओं के लिए आगे बढ़ने का एकमात्र ज़रिया एक निष्पक्ष और योग्यता-आधारित व्यवस्था है। जब यह ज़रिया ही टूट जाता है - जैसे पेपर लीक होना, परीक्षाएँ रद्द होना, भरोसा टूटना - तो अमीर और ताकतवर लोगों के बच्चों को कोई नुकसान नहीं होता। थरूर ने X पर लिखे अपने खुले पत्र में कहा कि उनके पास आगे बढ़ने के दूसरे रास्ते होते हैं। असल में आपके सपनों और आपके परिवारों के त्याग के साथ ही धोखा होता है।
 
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

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