Mahatma Gandhi Death Anniversary: South Africa के एक वाकये ने मोहनदास को 'महात्मा' बना दिया, जानिए खास बातें

भारत के इतिहास में कुछ नाम ऐसे दर्ज हैं, जोकि सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं करे। ऐसा ही एक नाम महात्मा गांधी है, जिनके विचार, आदर्श और आचरण का अनुसरण पूरी दुनिया के कई देशों के लोग करते हैं। महात्मा गांधी को भारत का राष्ट्रपति माना जाता है। लेकिन आम लोग महात्मा गांधी को बापू के नाम से पुकारते हैं। वहीं विदेशी भी उनको बापू ही कहकर याद करते हैं। महात्मा गांधी सही और गलत में फर्क करना सिखाते थे। महात्मा गांधी ने हमेशा अहिंसा का साथ दिया। आज ही के दिन यानी की 30 जनवरी को महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्याकर दी गई थी। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारगुजरात के पोरबंदर में 02 अक्तूबर 1869 को महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम करमचंद गांधी और मां का नाम पुतलीबाई था। उनकी शुरूआती शिक्षा पोरबंदर और राजकोट में हुई। फिर वह लंदन में जाकर वकालत की पढ़ाई करने लगे। साल 1891 में बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त करके भारत लौटे। कुछ समय उन्होंने भारत में वकालत की और फिर 1893 में एक कानूनी मामले के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका गए। यहां पर महात्मा गांधी ने नस्लीय भेदभाव का सामना किया, इस घटना ने उनको सामाजिक अन्याय के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित किया।इसे भी पढ़ें: Lala Lajpat Rai Birth Anniversary: वो 'पंजाब केसरी' जिसने Freedom Struggle में फूंकी थी नई जान, जानिए अनसुनी बातेंआजादी के आंदोलनबता दें कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता के लिए कई बड़े आंदोलन किए थे, जैसे- खिलाफत आंदोलन, सत्याग्रह, नमक सत्याग्रह और डांडी यात्रा की थी। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसा का सिद्धांत अपनाया था। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए प्रयास किए।स्वतंत्रता के बादमहात्मा गांधी के देश की आजादी के बाद सामाजिक और आर्थिक सुधार के लिए काम किया था। वह देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते थे। महात्मा गांधी ने लोगों को संयम, सच्चाई और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।क्यों कहा जाता है राष्ट्रपितामहात्मा गांधी को सबसे पहली बार नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 'राष्ट्रपिता' कहकर संबोधित किया था। बापू और राष्ट्रपिता का मतलब लगभग एक समान है और इसका विस्तार बड़ा है। महात्मा गांधी पूरे देश के पिता या बापू हैं। इसलिए उनको राष्ट्रपिता कहा जाता है।मृत्युआज ही के दिन यानी की 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला भवन में महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्याकर दी गई थी। नाथूराम गोडसे ने शाम की प्रार्थना सभा के दौरान महात्मा गांधी पर गोलियां चलाईं।

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Jan 31, 2026 - 11:46
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Mahatma Gandhi Death Anniversary: South Africa के एक वाकये ने मोहनदास को 'महात्मा' बना दिया, जानिए खास बातें
भारत के इतिहास में कुछ नाम ऐसे दर्ज हैं, जोकि सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं करे। ऐसा ही एक नाम महात्मा गांधी है, जिनके विचार, आदर्श और आचरण का अनुसरण पूरी दुनिया के कई देशों के लोग करते हैं। महात्मा गांधी को भारत का राष्ट्रपति माना जाता है। लेकिन आम लोग महात्मा गांधी को बापू के नाम से पुकारते हैं। वहीं विदेशी भी उनको बापू ही कहकर याद करते हैं। महात्मा गांधी सही और गलत में फर्क करना सिखाते थे। महात्मा गांधी ने हमेशा अहिंसा का साथ दिया। आज ही के दिन यानी की 30 जनवरी को महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्याकर दी गई थी। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

गुजरात के पोरबंदर में 02 अक्तूबर 1869 को महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम करमचंद गांधी और मां का नाम पुतलीबाई था। उनकी शुरूआती शिक्षा पोरबंदर और राजकोट में हुई। फिर वह लंदन में जाकर वकालत की पढ़ाई करने लगे। साल 1891 में बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त करके भारत लौटे। कुछ समय उन्होंने भारत में वकालत की और फिर 1893 में एक कानूनी मामले के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका गए। यहां पर महात्मा गांधी ने नस्लीय भेदभाव का सामना किया, इस घटना ने उनको सामाजिक अन्याय के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित किया।

इसे भी पढ़ें: Lala Lajpat Rai Birth Anniversary: वो 'पंजाब केसरी' जिसने Freedom Struggle में फूंकी थी नई जान, जानिए अनसुनी बातें


आजादी के आंदोलन

बता दें कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता के लिए कई बड़े आंदोलन किए थे, जैसे- खिलाफत आंदोलन, सत्याग्रह, नमक सत्याग्रह और डांडी यात्रा की थी। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसा का सिद्धांत अपनाया था। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए प्रयास किए।

स्वतंत्रता के बाद

महात्मा गांधी के देश की आजादी के बाद सामाजिक और आर्थिक सुधार के लिए काम किया था। वह देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते थे। महात्मा गांधी ने लोगों को संयम, सच्चाई और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

क्यों कहा जाता है राष्ट्रपिता

महात्मा गांधी को सबसे पहली बार नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 'राष्ट्रपिता' कहकर संबोधित किया था। बापू और राष्ट्रपिता का मतलब लगभग एक समान है और इसका विस्तार बड़ा है। महात्मा गांधी पूरे देश के पिता या बापू हैं। इसलिए उनको राष्ट्रपिता कहा जाता है।

मृत्यु

आज ही के दिन यानी की 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला भवन में महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्याकर दी गई थी। नाथूराम गोडसे ने शाम की प्रार्थना सभा के दौरान महात्मा गांधी पर गोलियां चलाईं।

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