ओडिशा में स्थित जगन्नाथ मंदिर अपने चमत्कार के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। दूर-दूर से देश-दुनिया के लोग पुरी जगन्नाथ मंदिर का दर्शन करने आते हैं। माना जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से इस मंदिर के दर्शन करने आता है उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
वैसे आपने भी जगन्नाथ मंदिर संबंधित कई सारे चमत्कार की कहानी जरुर सुनी होगी, जहां पर भगवान ने भक्तों की मनोकामनाएं जरुर पूर्ण होती है। हालांकि शायद ही आप जानते होंगे कि इस मंदिर में शादी से पहले प्रेमी जोड़े दर्शन के लिए नहीं जा सकते हैं। क्या आपने इसके पीछे की मान्यता के बारे में सुना है, क्या है इसकी पौराणिक कथा? आइए आपको इस लेख में बताते हैं भगवान जगन्नाथ मंदिर में प्रेमी जोड़ो का जाना वर्जित क्यों हैं।
जगन्नाथ मंदिर में क्यों प्रेमी जोड़ा का जाना मना है?
दरअसल, पुरी के जगन्नाथ मंदिर में अविवाहित प्रेमी जोड़े या फिर जिन जोड़ों की शादी तय हो चुकी है लेकिन, हुई नहीं है उन लोगों के लिए दर्शन करने के लिए नहीं जाना चाहिए। असल में इसके पीछे एक पुरानी धार्मिक कथा है। लोककथाओं व मान्यताओं के अनुसार, एक बार राधा रानी जगन्नाथ भगवान के दर्शन करने के लिए पुरी पहुंची थी। हालांकि, राधा रानी को मंदिर के पुजारियों ने बाहर ही रोक दिया। पुजारियों ने कहा कि मंदिर में सिर्फ भगवान और उनकी पत्नियां ही प्रवेश कर सकती हैं। जब राधा रानी ने यह बात सुनी तो उन्हें काफी बुरा लगा। फिर राधा रानी ने उन्हें श्राप दिया कि यदि ऐसा है जो भी प्रेमी जोड़ा इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आएगा उनके प्रेम में बाधा आ जाएगी। इस श्राप के चलते आज भी भगवान जगन्नाथ मंदिर में प्रेमी जोड़े दर्शन के लिए एक साथ नहीं जाएंगे।
क्या जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल हो सकते हैं प्रेमी जोड़ा?
पुरी में कल यानी 16 जुलाई से रथ यात्रा शुरु हो रही है। ऐसे में आपके मन में भी काफी सवाल आ रहे होगे। जी हां! जगन्नाथ रथ यात्रा में प्रेमी जोडे़ शामिल हो सकते हैं। बस प्रेमी जोड़े सिर्फ मंदिर में भगवान के दर्शन नहीं कर सकते हैं। लेकिन वह रथ यात्रा में शामिल हो सकते हैं। आज भी वहां के लोग इस परंपरा को मान रहे है। लेकिन मंदिर की तरफ से कोई भी रोक नहीं लगाई जाती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अविवाहित जोड़े यहां शादी से पहले आते हैं, तो उनके रिश्तों में समस्या आ सकती है।