Gopal Krishna Gokhale Birth Anniversary: Gandhi के गुरु, Congress अध्यक्ष... जानें इस Freedom Fighter की अनसुनी बातें

महान समाज सुधारक, शिक्षाविद और नरम दल के नेता गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म 09 मई को हुआ था। उनका भारत की आजादी में अहम योगदान था। गोपाल कृष्ण गोखले ने महात्मा गांधी को इंग्लैंड से भारत वापस लाने का काम किया था। वहीं उन्होंने ही लोगों में देशभक्ति की अलख जगाने का काम किया था। गोखले ने न सिर्फ शिक्षा के महत्व को समझा बल्कि उस समय देश की आजादी चल रही थी, तो जगह-जगह लाइब्रेरी बनाई और लोगों को पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर गोपाल कृष्ण गोखले के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवाररत्नागिरी में 09 मई को गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम कृष्ण राव गोखले और मां का नाम वलूबाई गोखले था। गोखले का मन हमेशा से राष्ट्रभक्ति में लगता था। साल 1881 में मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने राजाराम कॉलेज में एडमिशन लिया। लेकिन उनको एलफिस्टंन कॉलेज जाना पड़ा। उनको हर महीने स्कॉलरशिप मिला करती थी।इसे भी पढ़ें: Rabindranath Tagore Birth Anniversary: जब Gitanjali के लिए मिला Nobel Prize, दुनिया ने माना भारतीय साहित्य का लोहाकांग्रेस अध्यक्षकानून की पढ़ाई करने के बाद गोपाल कृष्ण गोखले नरम दल के नेता के तौर पर काम करते रहे। वहीं साल 1905 में वह कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। साल 1907 आते-आते पार्टी दो टुकड़ों में बंट गई, वैचारिक मतभेद होने के बाद गोखले गरम दल के नेता लाला लाजपत राय की रिहाई के लिए भी अभियान चलाया था। क्रांतिकारी परिवर्तनगोपाल कृष्ण गोखले ने अपने जीवन में कई क्रांतिकारी परिवर्तन किए थे। साल 1905 में भारतीय शिक्षा के विस्तार के लिए सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना की। गोखले का मानना था कि वह भारतीयों को वह शिक्षा प्राप्त हो सके, जो लोगों के मन में नागरिक कर्तव्य और देशभक्ति की अलख को जगाए।गोपाल कृष्ण गोखले ने मोबाइल पुस्तकालयों और स्कूलों की भी स्थापना की थी। वहीं रात के समय गोखले औद्योगिक श्रमिकों को पढ़ाने का काम किया करते थे।मृत्युगोपाल कृष्ण गोखले का निधन 19 फरवरी 1915 को मुंबई में हुआ था।

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May 9, 2026 - 16:21
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Gopal Krishna Gokhale Birth Anniversary: Gandhi के गुरु, Congress अध्यक्ष... जानें इस Freedom Fighter की अनसुनी बातें
महान समाज सुधारक, शिक्षाविद और नरम दल के नेता गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म 09 मई को हुआ था। उनका भारत की आजादी में अहम योगदान था। गोपाल कृष्ण गोखले ने महात्मा गांधी को इंग्लैंड से भारत वापस लाने का काम किया था। वहीं उन्होंने ही लोगों में देशभक्ति की अलख जगाने का काम किया था। गोखले ने न सिर्फ शिक्षा के महत्व को समझा बल्कि उस समय देश की आजादी चल रही थी, तो जगह-जगह लाइब्रेरी बनाई और लोगों को पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर गोपाल कृष्ण गोखले के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

रत्नागिरी में 09 मई को गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम कृष्ण राव गोखले और मां का नाम वलूबाई गोखले था। गोखले का मन हमेशा से राष्ट्रभक्ति में लगता था। साल 1881 में मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने राजाराम कॉलेज में एडमिशन लिया। लेकिन उनको एलफिस्टंन कॉलेज जाना पड़ा। उनको हर महीने स्कॉलरशिप मिला करती थी।

इसे भी पढ़ें: Rabindranath Tagore Birth Anniversary: जब Gitanjali के लिए मिला Nobel Prize, दुनिया ने माना भारतीय साहित्य का लोहा

कांग्रेस अध्यक्ष

कानून की पढ़ाई करने के बाद गोपाल कृष्ण गोखले नरम दल के नेता के तौर पर काम करते रहे। वहीं साल 1905 में वह कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। साल 1907 आते-आते पार्टी दो टुकड़ों में बंट गई, वैचारिक मतभेद होने के बाद गोखले गरम दल के नेता लाला लाजपत राय की रिहाई के लिए भी अभियान चलाया था। 

क्रांतिकारी परिवर्तन

गोपाल कृष्ण गोखले ने अपने जीवन में कई क्रांतिकारी परिवर्तन किए थे। साल 1905 में भारतीय शिक्षा के विस्तार के लिए सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना की। गोखले का मानना था कि वह भारतीयों को वह शिक्षा प्राप्त हो सके, जो लोगों के मन में नागरिक कर्तव्य और देशभक्ति की अलख को जगाए।

गोपाल कृष्ण गोखले ने मोबाइल पुस्तकालयों और स्कूलों की भी स्थापना की थी। वहीं रात के समय गोखले औद्योगिक श्रमिकों को पढ़ाने का काम किया करते थे।

मृत्यु

गोपाल कृष्ण गोखले का निधन 19 फरवरी 1915 को मुंबई में हुआ था।

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