Jawahar Lal Nehru Birth Anniversary: आधुनिक भारत के शिल्पकार थे जवाहर लाल नेहरू, ऐसे बने देश के पहले PM

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का 14 नवंबर को जन्म हुआ था। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में पंडित नेहरू ने अहम योगदान दिया और वह आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री बने। उनका शुरूआती जीवन पढ़ाई, स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश की आजादी तक उनका सफर प्रेरणादायी है। उन्होंने 17 वर्षों तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वहीं स्वतंत्रता के बाद पंडित नेहरू ने देश की विदेश नीति, औद्योगिकीकरण और वैज्ञानिक विकास की नींव रखी। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारउत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में 14 नवंबर 1889 को पंडित जवाहर लाल नेहरू का एक कश्मीरी ब्राह्मण परिवार में जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था, जोकि एक फेमस वकील थे। वहीं उनकी मां का नाम स्वरूप रानी था। वहीं पंडित नेहरू ने 14 साल की उम्र तक अपनी शुरूआती पढ़ाई की और फिर 15 साल की उम्र में वह इंग्लैंड के हैरो स्कूल गए। दो साल बाद वह कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए और वहां से नैचरल साइंस में ऑनर्स की डिग्री हासिल की।इसे भी पढ़ें: Abul Kalam Azad Birth Anniversary: देश के पहले शिक्षा मंत्री थे अबुल कलाम आजाद, शिक्षा के विकास में दिया अहम योगदानस्वतंत्रता संग्राम में योगदानपढ़ाई खत्म होने के बाद पंडित नेहरू भारत वापस लौट आए और राजनीति से जुड़ गए। उन्होंने महात्मा गांधी से प्रेरणा ली और किसान मार्च, असहयोग आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों में सक्रिय भाग लिया। इसकी वजह से पंडित नेहरू को कई बार जेल जाना पड़ा। वहीं भारत की स्वतंत्रता को लेकर विदेशों का दौरा किया और आजादी से पहले और बाद में उन्होंने भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।राजनीतिक सफरसाल 1916 में पंडित नेहरू महात्मा गांधी से मिले और उनसे काफी ज्यादा प्रभावित हुए। इसके बाद साल 1919 में पंडित नेहरू इलाहाबाद के होम रूल लीग के सेक्रेटरी बनें। फिर साल 1920 में वह यूपी के प्रतापगढ़ में पहले किसान मार्च का आयोजन किया और 1920-22 के असहयोग आंदोलन में पंडित जवाहर लाल नेहरू को दो बार जेल गए। सितंबर 1923 में पंडित नेहरू ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के जनरल सेक्रेटरी बने।साल 1926 में नेहरू स्विटजरलैंड, इटली, इंग्लैंड, बेल्जियम, जर्मनी और रूस का दौरा किया। फिर साल 1930 से 1935 तक उन्होंने नमक सत्याग्रह जैसे कई आंदोलन की शुरूआत की। इस दौरान पंडित नेहरू को कई बार जेल जाना पड़ा। उन्होंने 14 फरवरी 1935 को पंडित नेहरू ने अल्मोड़ा जेल में रहते हुए अपनी ऑटोबायोग्राफी पूरी की। जेल से छूटने के बाद वह अपनी बीमार पत्नी को देखने स्विटजरलैंड गए। वहीं साल 1946 में वह चौथी बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने।देश के पहले पीएम बने पंडित नेहरूदेश के प्रधानमंत्री बनने के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देश के विकास और आधुनिकता की दिशा में कई बड़े काम किए। पंडित नेहरू ने आधुनिक विचारों और मूल्यों अपनाने पर जोर दिया था। पंडित नेहरू ने भारत को सेक्युलर और लिबरल देश के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने भारत की एकता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। पंडित नेहरू ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम कदम उठाए और वैज्ञानिक तकनीकी को प्रोत्साहित करने का काम किया।मृत्युवहीं 27 मई 1964 को पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन हो गया था।

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Nov 15, 2025 - 09:06
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Jawahar Lal Nehru Birth Anniversary: आधुनिक भारत के शिल्पकार थे जवाहर लाल नेहरू, ऐसे बने देश के पहले PM
भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का 14 नवंबर को जन्म हुआ था। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में पंडित नेहरू ने अहम योगदान दिया और वह आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री बने। उनका शुरूआती जीवन पढ़ाई, स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश की आजादी तक उनका सफर प्रेरणादायी है। उन्होंने 17 वर्षों तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वहीं स्वतंत्रता के बाद पंडित नेहरू ने देश की विदेश नीति, औद्योगिकीकरण और वैज्ञानिक विकास की नींव रखी। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में 14 नवंबर 1889 को पंडित जवाहर लाल नेहरू का एक कश्मीरी ब्राह्मण परिवार में जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था, जोकि एक फेमस वकील थे। वहीं उनकी मां का नाम स्वरूप रानी था। वहीं पंडित नेहरू ने 14 साल की उम्र तक अपनी शुरूआती पढ़ाई की और फिर 15 साल की उम्र में वह इंग्लैंड के हैरो स्कूल गए। दो साल बाद वह कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए और वहां से नैचरल साइंस में ऑनर्स की डिग्री हासिल की।

इसे भी पढ़ें: Abul Kalam Azad Birth Anniversary: देश के पहले शिक्षा मंत्री थे अबुल कलाम आजाद, शिक्षा के विकास में दिया अहम योगदान

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

पढ़ाई खत्म होने के बाद पंडित नेहरू भारत वापस लौट आए और राजनीति से जुड़ गए। उन्होंने महात्मा गांधी से प्रेरणा ली और किसान मार्च, असहयोग आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों में सक्रिय भाग लिया। इसकी वजह से पंडित नेहरू को कई बार जेल जाना पड़ा। वहीं भारत की स्वतंत्रता को लेकर विदेशों का दौरा किया और आजादी से पहले और बाद में उन्होंने भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।

राजनीतिक सफर

साल 1916 में पंडित नेहरू महात्मा गांधी से मिले और उनसे काफी ज्यादा प्रभावित हुए। इसके बाद साल 1919 में पंडित नेहरू इलाहाबाद के होम रूल लीग के सेक्रेटरी बनें। फिर साल 1920 में वह यूपी के प्रतापगढ़ में पहले किसान मार्च का आयोजन किया और 1920-22 के असहयोग आंदोलन में पंडित जवाहर लाल नेहरू को दो बार जेल गए। सितंबर 1923 में पंडित नेहरू ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के जनरल सेक्रेटरी बने।

साल 1926 में नेहरू स्विटजरलैंड, इटली, इंग्लैंड, बेल्जियम, जर्मनी और रूस का दौरा किया। फिर साल 1930 से 1935 तक उन्होंने नमक सत्याग्रह जैसे कई आंदोलन की शुरूआत की। इस दौरान पंडित नेहरू को कई बार जेल जाना पड़ा। उन्होंने 14 फरवरी 1935 को पंडित नेहरू ने अल्मोड़ा जेल में रहते हुए अपनी ऑटोबायोग्राफी पूरी की। जेल से छूटने के बाद वह अपनी बीमार पत्नी को देखने स्विटजरलैंड गए। वहीं साल 1946 में वह चौथी बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने।

देश के पहले पीएम बने पंडित नेहरू

देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देश के विकास और आधुनिकता की दिशा में कई बड़े काम किए। पंडित नेहरू ने आधुनिक विचारों और मूल्यों अपनाने पर जोर दिया था। पंडित नेहरू ने भारत को सेक्युलर और लिबरल देश के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने भारत की एकता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। पंडित नेहरू ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम कदम उठाए और वैज्ञानिक तकनीकी को प्रोत्साहित करने का काम किया।


मृत्यु

वहीं 27 मई 1964 को पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन हो गया था।

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