हर नए Partner में दिखते हैं पुराने Red Flags, तो आप भी हो गए हैं Groundhogging का शिकार, जानें कैसे इससे बचें?

आज की डिजिटल दुनिया में लोग अपनी भावनाओं और रिश्तों की स्थिति को बताने के लिए अक्सर नए-नए शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो धीरे-धीरे एक ट्रेंड बन जाता है। इसी कड़ी में एक नया शब्द जुड़ा है, 'ग्राउंडहॉगिंग'। यह शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है जो एक कड़वे रिश्ते से निकलकर अनजाने में फिर से वैसा ही पार्टनर चुन लेते हैं। आसान भाषा में कहें तो, जब आपको महसूस हो कि आपका नया पार्टनर भी पुराने वाले जैसा ही खराब या टॉक्सिक है, तो आप इस ट्रेंड का हिस्सा हैं।क्या है ग्राउंडहॉगिंग?ग्राउंडहॉगिंग का मतलब है एक ही तरह के व्यवहार या गलती को बार-बार दोहराना। डेटिंग की दुनिया में यह एक ऐसा हानिकारक पैटर्न है, जहां व्यक्ति बार-बार एक ही जैसी पर्सनैलिटी, लुक या आदतों वाले लोगों की ओर आकर्षित होता है। भले ही पिछला अनुभव बुरा रहा हो, फिर भी आप अनजाने में वैसे ही रेड फ्लैग्स वाले इंसान को डेट करने लगते हैं। इसमें पार्टनर तो बदल जाता है, लेकिन उससे जुड़ी समस्याएं और दुख बिल्कुल पुराने रिश्ते जैसे ही रहते हैं। इसे भी पढ़ें: Ramadan Couple Guide: रोजे में पति-पत्नी के रिश्ते की मर्यादा क्या है? जानें क्या जायज और क्या नाजायजहम बार-बार एक ही गलती क्यों करते हैं?मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखें तो इसका सबसे बड़ा कारण है 'परिचित होने का एहसास'। हम अक्सर उन व्यवहारों या आदतों की ओर खिंचे चले जाते हैं जिन्हें हम पहले से जानते हैं। भले ही वह इंसान हमारे लिए सही न हो, लेकिन उसका स्वभाव जाना-पहचाना होने के कारण हमें उसमें एक अजीब सी सुरक्षा महसूस होती है। हम यह सोचकर दोबारा वैसे ही व्यक्ति को डेट करते हैं कि शायद इस बार नतीजा अलग होगा, लेकिन असल में हम उसी पुरानी साइकिल में फंसकर रह जाते हैं।यह हमारे लिए क्यों खतरनाक है?यह आदत न केवल आपकी मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आपकी पर्सनल ग्रोथ को भी रोक देती है। बार-बार एक ही तरह का धोखा मिलने से इंसान का आत्मविश्वास कम होने लगता है और उसे लगने लगता है कि शायद उसकी किस्मत ही खराब है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि आप उन अच्छे लोगों को भी नजरअंदाज कर देते हैं जो वास्तव में आपके लिए सही हो सकते थे, सिर्फ इसलिए क्योंकि वे आपके पुराने 'टाइप' में फिट नहीं बैठते। इसे भी पढ़ें: Ramadan में Modern Dating कितनी जायज? जानें Unmarried Couples के लिए क्या हैं सख्त हिदायतेंइस साइकिल को कैसे तोड़ें?इस समस्या से बाहर निकलने का सबसे सरल तरीका है 'खुद से सवाल करना'। अगली बार किसी की ओर आकर्षित होने पर खुद से पूछें कि क्या आप उसे उसकी खूबियों के कारण पसंद कर रहे हैं या सिर्फ इसलिए क्योंकि वह आपके पुराने पार्टनर जैसा व्यवहार कर रहा है? अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें और उन लोगों को भी मौका दें जो आपके पुराने मापदंडों से अलग हों। खुद को बदलने और नए अनुभवों के लिए तैयार रखकर ही आप इस टॉक्सिक पैटर्न को तोड़ सकते हैं।

PNSPNS
Feb 24, 2026 - 10:28
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हर नए Partner में दिखते हैं पुराने Red Flags, तो आप भी हो गए हैं Groundhogging का शिकार, जानें कैसे इससे बचें?
आज की डिजिटल दुनिया में लोग अपनी भावनाओं और रिश्तों की स्थिति को बताने के लिए अक्सर नए-नए शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो धीरे-धीरे एक ट्रेंड बन जाता है। इसी कड़ी में एक नया शब्द जुड़ा है, 'ग्राउंडहॉगिंग'। यह शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है जो एक कड़वे रिश्ते से निकलकर अनजाने में फिर से वैसा ही पार्टनर चुन लेते हैं। आसान भाषा में कहें तो, जब आपको महसूस हो कि आपका नया पार्टनर भी पुराने वाले जैसा ही खराब या टॉक्सिक है, तो आप इस ट्रेंड का हिस्सा हैं।

क्या है ग्राउंडहॉगिंग?

ग्राउंडहॉगिंग का मतलब है एक ही तरह के व्यवहार या गलती को बार-बार दोहराना। डेटिंग की दुनिया में यह एक ऐसा हानिकारक पैटर्न है, जहां व्यक्ति बार-बार एक ही जैसी पर्सनैलिटी, लुक या आदतों वाले लोगों की ओर आकर्षित होता है। भले ही पिछला अनुभव बुरा रहा हो, फिर भी आप अनजाने में वैसे ही रेड फ्लैग्स वाले इंसान को डेट करने लगते हैं। इसमें पार्टनर तो बदल जाता है, लेकिन उससे जुड़ी समस्याएं और दुख बिल्कुल पुराने रिश्ते जैसे ही रहते हैं।
 

इसे भी पढ़ें: Ramadan Couple Guide: रोजे में पति-पत्नी के रिश्ते की मर्यादा क्या है? जानें क्या जायज और क्या नाजायज


हम बार-बार एक ही गलती क्यों करते हैं?

मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखें तो इसका सबसे बड़ा कारण है 'परिचित होने का एहसास'। हम अक्सर उन व्यवहारों या आदतों की ओर खिंचे चले जाते हैं जिन्हें हम पहले से जानते हैं। भले ही वह इंसान हमारे लिए सही न हो, लेकिन उसका स्वभाव जाना-पहचाना होने के कारण हमें उसमें एक अजीब सी सुरक्षा महसूस होती है। हम यह सोचकर दोबारा वैसे ही व्यक्ति को डेट करते हैं कि शायद इस बार नतीजा अलग होगा, लेकिन असल में हम उसी पुरानी साइकिल में फंसकर रह जाते हैं।

यह हमारे लिए क्यों खतरनाक है?

यह आदत न केवल आपकी मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आपकी पर्सनल ग्रोथ को भी रोक देती है। बार-बार एक ही तरह का धोखा मिलने से इंसान का आत्मविश्वास कम होने लगता है और उसे लगने लगता है कि शायद उसकी किस्मत ही खराब है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि आप उन अच्छे लोगों को भी नजरअंदाज कर देते हैं जो वास्तव में आपके लिए सही हो सकते थे, सिर्फ इसलिए क्योंकि वे आपके पुराने 'टाइप' में फिट नहीं बैठते।
 

इसे भी पढ़ें: Ramadan में Modern Dating कितनी जायज? जानें Unmarried Couples के लिए क्या हैं सख्त हिदायतें


इस साइकिल को कैसे तोड़ें?

इस समस्या से बाहर निकलने का सबसे सरल तरीका है 'खुद से सवाल करना'। अगली बार किसी की ओर आकर्षित होने पर खुद से पूछें कि क्या आप उसे उसकी खूबियों के कारण पसंद कर रहे हैं या सिर्फ इसलिए क्योंकि वह आपके पुराने पार्टनर जैसा व्यवहार कर रहा है? अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें और उन लोगों को भी मौका दें जो आपके पुराने मापदंडों से अलग हों। खुद को बदलने और नए अनुभवों के लिए तैयार रखकर ही आप इस टॉक्सिक पैटर्न को तोड़ सकते हैं।

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