Chai Par Sameeksha: Sonam Wangchuk को मिला विपक्ष का साथ, क्या Monsoon sesssion है वजह?

प्रभासाक्षी की साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन और मानसून सत्र पर बातचीत की है। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे जी। नीरज कुमार दुबे ने कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रदर्शन पर कहा कि यह प्रदर्शन बिना किसी एजेंडा के है। इसका कोई नेतृत्व करने वाला नहीं है। ऐसे में इस प्रोटेस्ट का क्या होगा, यह हमें देखना होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार से अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है, संसद सत्र आने के साथ ही विपक्ष के लोग अब मंच साझा करने लगे हैं। ऐसे में क्या सरकार पर कोई दबाव बनता है इस पर भी हम सब की निगाहें रह सकती हैं। हालांकि, आज कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और धर्मेंद्र प्रधान को हटाने समेत अपनी मांगें उनके सामने रखीं। इस मुलाकात के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ट्वीट किया कि आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से हमारी बातचीत चल रही है। बैठक अच्छे माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती बातचीत विस्तार से हुई और शाम करीब 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और हालात सामान्य करने में प्रशासन की मदद करने का आग्रह किया है।इसे भी पढ़ें: पिता का अनशन तुड़वाने दिल्ली से खुद इंदिरा चलकर आईं, क्या है सोनम वांगचुक का असली सच?नीरज दुबे ने कहा कि हां, नीट पेपर लीक का मुद्दा बहुत बड़ा था। लेकिन सरकार ने बाद में जो परीक्षा हुई उसे सफलतापूर्वक करने में कामयाबी हासिल की है। लेकिन यह दोबारा ना हो, इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही अगर जो लोग भी नीट पेपर लीक में दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ रही थी। अगर उन्हें कुछ हो जाता तो वह सरकार पर जिम्मेदारी आ जाती। ऐसे में कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन ने जो कदम उठाया वह उस वक्त की जरूरत बन गई थी। मानसून सत्र को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि इस बार का सत्र हंगामेदार रह सकता है। कई ऐसे मुद्दे हैं जिस पर विपक्ष सरकार को घरने की कोशिश करेगा और साथ ही साथ उन्होंने कहा कि यह मानसून सत्र इसलिए भी ऐतिहासिक रहने वाला है क्योंकि इसमें ऐसे कई बिल सामने आएंगे जो की सरकार के लिए बेहद जरूरी होंगे। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वार-पलटवार का तो दौड़ रहेगा ही, साथ ही साथ हम यह भी देखेंगे की कई विपक्षी दलों के सांसद एनडीए का हिस्सा बनेंगे जबकि कुछ विधेयकों पर इंडिया गठबंधन में भारी फुट भी पड़ सकती हैं।

PNSPNS
Jul 23, 2026 - 08:56
 0
Chai Par Sameeksha: Sonam Wangchuk को मिला विपक्ष का साथ, क्या Monsoon sesssion है वजह?
प्रभासाक्षी की साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन और मानसून सत्र पर बातचीत की है। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे जी। नीरज कुमार दुबे ने कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रदर्शन पर कहा कि यह प्रदर्शन बिना किसी एजेंडा के है। इसका कोई नेतृत्व करने वाला नहीं है। ऐसे में इस प्रोटेस्ट का क्या होगा, यह हमें देखना होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार से अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है, संसद सत्र आने के साथ ही विपक्ष के लोग अब मंच साझा करने लगे हैं। ऐसे में क्या सरकार पर कोई दबाव बनता है इस पर भी हम सब की निगाहें रह सकती हैं। 

हालांकि, आज कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और धर्मेंद्र प्रधान को हटाने समेत अपनी मांगें उनके सामने रखीं। इस मुलाकात के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ट्वीट किया कि आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से हमारी बातचीत चल रही है। बैठक अच्छे माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती बातचीत विस्तार से हुई और शाम करीब 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और हालात सामान्य करने में प्रशासन की मदद करने का आग्रह किया है।

इसे भी पढ़ें: पिता का अनशन तुड़वाने दिल्ली से खुद इंदिरा चलकर आईं, क्या है सोनम वांगचुक का असली सच?

नीरज दुबे ने कहा कि हां, नीट पेपर लीक का मुद्दा बहुत बड़ा था। लेकिन सरकार ने बाद में जो परीक्षा हुई उसे सफलतापूर्वक करने में कामयाबी हासिल की है। लेकिन यह दोबारा ना हो, इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही अगर जो लोग भी नीट पेपर लीक में दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ रही थी। अगर उन्हें कुछ हो जाता तो वह सरकार पर जिम्मेदारी आ जाती। ऐसे में कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन ने जो कदम उठाया वह उस वक्त की जरूरत बन गई थी। 

मानसून सत्र को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि इस बार का सत्र हंगामेदार रह सकता है। कई ऐसे मुद्दे हैं जिस पर विपक्ष सरकार को घरने की कोशिश करेगा और साथ ही साथ उन्होंने कहा कि यह मानसून सत्र इसलिए भी ऐतिहासिक रहने वाला है क्योंकि इसमें ऐसे कई बिल सामने आएंगे जो की सरकार के लिए बेहद जरूरी होंगे। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वार-पलटवार का तो दौड़ रहेगा ही, साथ ही साथ हम यह भी देखेंगे की कई विपक्षी दलों के सांसद एनडीए का हिस्सा बनेंगे जबकि कुछ विधेयकों पर इंडिया गठबंधन में भारी फुट भी पड़ सकती हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow