साँस्कृतिक विरासत के अनमोल रंग: यूनेस्को सूची में भारत की अनूठी परम्पराएँ
नृत्य, कथाएँ, शिल्पकला, खेल, पर्व, उत्सव, परम्पराएँ... ये अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, हमारे दैनिक जीवन में अनेक रूपों में प्रदर्शित होती है. ये हमसे पहले आई पीढ़ियों की धरोहर व उनका प्रतिबिम्ब होने के साथ-साथ वर्तमान में हमारी पहचान का सार भी हैं. हर वर्ष, 17 अक्टूबर को इसी विषय पर मनाया जाने वाला अन्तरराष्ट्रीय दिवस, इन जीवन्त विरासत का उत्सव मनाने और भावी पीढ़ियों के लिए उन्हें संरक्षित करने का एक अवसर है.
नृत्य, कथाएँ, शिल्पकला, खेल, पर्व, उत्सव, परम्पराएँ... ये अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, हमारे दैनिक जीवन में अनेक रूपों में प्रदर्शित होती है. ये हमसे पहले आई पीढ़ियों की धरोहर व उनका प्रतिबिम्ब होने के साथ-साथ वर्तमान में हमारी पहचान का सार भी हैं. हर वर्ष, 17 अक्टूबर को इसी विषय पर मनाया जाने वाला अन्तरराष्ट्रीय दिवस, इन जीवन्त विरासत का उत्सव मनाने और भावी पीढ़ियों के लिए उन्हें संरक्षित करने का एक अवसर है.