योरोप के लिए ख़तरनाक राह पर, अकेले निकल रहे बच्चों की बढ़ती संख्या
बेहतर जीवन और सुरक्षा की तलाश में किसी योरोपीय देश पहुँचने की चाह में हज़ारों बच्चे, अपनी जान जोखिम में डाल कर, अकेले कठिनाइयों भरी यात्राएँ कर रहे हैं. एक नई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष योरोप पहुँचने वाले शरणार्थी व प्रवासी बच्चों में से दो-तिहाई, लगभग 20 हज़ार ने अकेले ही ये सफ़र तय किया है और अनेक को इस दौरान शोषण का सामना करना पड़ा.
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