मोदी को झुकाने की फिराक में थे ट्रंप, तभी दोस्त रूस की चाल ने कर दिया धराशायी

अंग्रेजी की एक कहावत है "A real friend is one who walks in when the rest of the world walks out" यानी जब सारी दुनिया साथ छोड़ देती है तब एक सच्चा दोस्त आपका साथ देता है। भारत और रूस की वर्षों पुरानी दोस्ती पर ये बात बिल्कुल खरी उतरती है। अब ये दोस्ती एक नए मुकाम पर पहुंचने वाली है। दोनों की दोस्ती दुनिया के कुछ बड़े मुल्कों को बहुत परेशान कर रही है। अभी हाल ही में शंघाई सहयोह संगठन यानी एससीओ की बैठक हुई थी। इस बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षा मंत्री सरगोई लावरोव की एक बैठक हुई। इस बैठक में कई बड़े और अहम फैसले लिए गए हैं। ये तय किया गया है कि भारत रूस के साथ मिलकर कुछ ऐसे आधुनिक हथियारों का निर्माण करेगा जो दुनिया में कहीं नहीं होता है। इसमें सबसे ज्यादा काम सुखोई एमक्यूआई को लेकर काम हो रहा है। इसे भी पढ़ें: इजराइली सेना ने अचानक गाजा के कैफे पर किया हमला, खाना खाने जा रहे लोगों पर गोलीबारी, 67 लोगों की मौतएससीओ की बैठक 26 जून 2025 को चीन के किंगताउ में हुई थी। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने जिस तरह से गजब का कमाल किया था। उसके बाद ये तय हुआ कि भारत रूस के साथ अभी तक हथियारों के मामले में जो पार्टनरशिप करता है, उसे आगे बढ़ाएंगे। इसी में ये तय हुई है कि सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमानों को बेड़े को आधुनिक बनाने में रूस भारत की मदद करेगा। भारत अपनी वायुसेना की आधारशिला, Su-30MKI लड़ाकू विमानों के बेड़े को अपग्रेड करने जा रहा है, जो अस्थिर क्षेत्र में हवाई श्रेष्ठता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत और रूस उन्नत रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ Su-30MKI को आधुनिक बनाने के लिए चर्चा कर रहे हैं। यह ताजा डेवलपमेंट रूस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करता है क्योंकि यह पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव से निपट रहा है, साथ ही रक्षा विनिर्माण में अधिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। आधुनिकीकरण के प्रयास का उद्देश्य Su-30MKI को तेजी से परिष्कृत होते प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धी बनाए रखना है। इसे भी पढ़ें: कान खोलकर सुन ले अमेरिका... रूस-ईरान का नाम लेकर जयशंकर ने क्या नया बवाल मचा दिया, बयान की क्यों हो रही है चर्चाइसके अलावा एस 500 को मिलकर भारत और रूस डेवलप करेंगे। एक अनुमान ये जताया जा रहा है कि भारत और रूस की दोस्ती डिफेंस के मामले में एक बार फिर से नए मुकाम पर पहुंच सकती है। ये इतना बड़ा हो सकता है कि अमेरिका जो सोचकर बैठा था कि भारत पर दबाव बनाना है। भारत उसके पास चला जाएगा और उससे डील करेगा। लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। साथ ही साथ रूस के साथ एस 500 मेक इन इंडिया के तहत बनाया जाएगा। इसके इस्तेमाल रूस और भारत के मित्र देशों को बेचने में भी किया जाएगा। एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को मजबूत करने में भारत और रूस एक साथ काम करेंगे। 

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Jul 2, 2025 - 04:30
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मोदी को झुकाने की फिराक में थे ट्रंप, तभी दोस्त रूस की चाल ने कर दिया धराशायी
अंग्रेजी की एक कहावत है "A real friend is one who walks in when the rest of the world walks out" यानी जब सारी दुनिया साथ छोड़ देती है तब एक सच्चा दोस्त आपका साथ देता है। भारत और रूस की वर्षों पुरानी दोस्ती पर ये बात बिल्कुल खरी उतरती है। अब ये दोस्ती एक नए मुकाम पर पहुंचने वाली है। दोनों की दोस्ती दुनिया के कुछ बड़े मुल्कों को बहुत परेशान कर रही है। अभी हाल ही में शंघाई सहयोह संगठन यानी एससीओ की बैठक हुई थी। इस बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षा मंत्री सरगोई लावरोव की एक बैठक हुई। इस बैठक में कई बड़े और अहम फैसले लिए गए हैं। ये तय किया गया है कि भारत रूस के साथ मिलकर कुछ ऐसे आधुनिक हथियारों का निर्माण करेगा जो दुनिया में कहीं नहीं होता है। इसमें सबसे ज्यादा काम सुखोई एमक्यूआई को लेकर काम हो रहा है। 

इसे भी पढ़ें: इजराइली सेना ने अचानक गाजा के कैफे पर किया हमला, खाना खाने जा रहे लोगों पर गोलीबारी, 67 लोगों की मौत

एससीओ की बैठक 26 जून 2025 को चीन के किंगताउ में हुई थी। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने जिस तरह से गजब का कमाल किया था। उसके बाद ये तय हुआ कि भारत रूस के साथ अभी तक हथियारों के मामले में जो पार्टनरशिप करता है, उसे आगे बढ़ाएंगे। इसी में ये तय हुई है कि सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमानों को बेड़े को आधुनिक बनाने में रूस भारत की मदद करेगा। भारत अपनी वायुसेना की आधारशिला, Su-30MKI लड़ाकू विमानों के बेड़े को अपग्रेड करने जा रहा है, जो अस्थिर क्षेत्र में हवाई श्रेष्ठता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत और रूस उन्नत रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ Su-30MKI को आधुनिक बनाने के लिए चर्चा कर रहे हैं। यह ताजा डेवलपमेंट रूस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करता है क्योंकि यह पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव से निपट रहा है, साथ ही रक्षा विनिर्माण में अधिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। आधुनिकीकरण के प्रयास का उद्देश्य Su-30MKI को तेजी से परिष्कृत होते प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धी बनाए रखना है। 

इसे भी पढ़ें: कान खोलकर सुन ले अमेरिका... रूस-ईरान का नाम लेकर जयशंकर ने क्या नया बवाल मचा दिया, बयान की क्यों हो रही है चर्चा

इसके अलावा एस 500 को मिलकर भारत और रूस डेवलप करेंगे। एक अनुमान ये जताया जा रहा है कि भारत और रूस की दोस्ती डिफेंस के मामले में एक बार फिर से नए मुकाम पर पहुंच सकती है। ये इतना बड़ा हो सकता है कि अमेरिका जो सोचकर बैठा था कि भारत पर दबाव बनाना है। भारत उसके पास चला जाएगा और उससे डील करेगा। लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। साथ ही साथ रूस के साथ एस 500 मेक इन इंडिया के तहत बनाया जाएगा। इसके इस्तेमाल रूस और भारत के मित्र देशों को बेचने में भी किया जाएगा। एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को मजबूत करने में भारत और रूस एक साथ काम करेंगे। 

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