1.1 अरब लोग अब भी झुग्गियों में, अच्छा घर अब भी अरबों लोगों का सपना

इनसान की बुनियादी ज़रूरतों को सरल भाषा में – रोटी, कपड़ा और मकान जैसे शब्दों में भी बयान किया जाता है. इसमें भरपेट भोजन, अच्छा रहन सहन और रहने के लिए एक सम्मानजनक आवास को ज़रूरी बताया जाता है. मगर आज भी दुनिया में लगभग दो अरब 80 करोड़ लोगों के पास उपयुक्त आवास नहीं है और क़रीब 1 अरब 10 करोड़ लोग तो झुग्गी-झोंपड़ियों में रहने को विवश हैं.

PNSPNS
May 18, 2026 - 09:31
 0
1.1 अरब लोग अब भी झुग्गियों में, अच्छा घर अब भी अरबों लोगों का सपना
इनसान की बुनियादी ज़रूरतों को सरल भाषा में – रोटी, कपड़ा और मकान जैसे शब्दों में भी बयान किया जाता है. इसमें भरपेट भोजन, अच्छा रहन सहन और रहने के लिए एक सम्मानजनक आवास को ज़रूरी बताया जाता है. मगर आज भी दुनिया में लगभग दो अरब 80 करोड़ लोगों के पास उपयुक्त आवास नहीं है और क़रीब 1 अरब 10 करोड़ लोग तो झुग्गी-झोंपड़ियों में रहने को विवश हैं.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow