भारत: मयनागुड़ी - जहाँ प्लास्टिक कचरे से निकली प्रगति की 'सड़क'
भारत के पश्चिम बंगाल प्रदेश के मयनागुड़ी में सड़कें अब लोगों को केवल मंज़िलों तक नहीं पहुँचातीं, बल्कि उम्मीद और नवाचार का रास्ता बन गई हैं. इन सड़कों की नींव में वो प्लास्टिक है, जो कभी नदियों में बहता था, गलियों में उड़ता था, और पर्यावरण के लिए ख़तरा माना जाता था. प्लास्टिक कचरे को सड़कों में बदलने की एक अनोखी पहल, न केवल पर्यावरणीय समाधान के रूप में उभरकर सामने आई है, बल्कि ग्रामीण आजीविका और स्वच्छता का भी प्रतीक बन गई है.
भारत के पश्चिम बंगाल प्रदेश के मयनागुड़ी में सड़कें अब लोगों को केवल मंज़िलों तक नहीं पहुँचातीं, बल्कि उम्मीद और नवाचार का रास्ता बन गई हैं. इन सड़कों की नींव में वो प्लास्टिक है, जो कभी नदियों में बहता था, गलियों में उड़ता था, और पर्यावरण के लिए ख़तरा माना जाता था. प्लास्टिक कचरे को सड़कों में बदलने की एक अनोखी पहल, न केवल पर्यावरणीय समाधान के रूप में उभरकर सामने आई है, बल्कि ग्रामीण आजीविका और स्वच्छता का भी प्रतीक बन गई है.