आपदा के समय, विकलांग समावेशन की पूर्व योजना ही जीवन बचाने की कुँजी
गोवा में हुए अन्तरराष्ट्रीय पर्पल फ़ेस्ट 2025 में विकलांगजन के समावेशन की चर्चा, नीतियों से आगे बढ़कर सीधे आपदा क्षेत्रों तक पहुँची. वहीं, जहाँ कुछ सेकंड जीवन और मृत्यु के बीच का अन्तर तय कर देते हैं. मूल प्रश्न स्पष्ट था - आपदा के समय विकलांगजन की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए ताकि कोई भी पीछे नहीं छूट जाए.
गोवा में हुए अन्तरराष्ट्रीय पर्पल फ़ेस्ट 2025 में विकलांगजन के समावेशन की चर्चा, नीतियों से आगे बढ़कर सीधे आपदा क्षेत्रों तक पहुँची. वहीं, जहाँ कुछ सेकंड जीवन और मृत्यु के बीच का अन्तर तय कर देते हैं. मूल प्रश्न स्पष्ट था - आपदा के समय विकलांगजन की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए ताकि कोई भी पीछे नहीं छूट जाए.