Women Reservation Bill पर Rekha Gupta का हमला, 'महिला विरोधी' रुख पर Opposition को घेरा

 दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित नहीं होने के बाद शनिवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके ‘‘महिला विरोधी’’ रुख पर उनके निर्वाचन क्षेत्रों की हर महिला सवाल उठाएगी। गुप्ता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विपक्ष ने तय कर लिया था कि किसी भी कीमत पर महिलाओं को लोकसभा तक नहीं पहुंचने देंगे। सच यह है कि उन्हें केवल अपने परिवार की महिलाओं की चिंता है, देश की 70 करोड़ महिलाओं की नहीं।’’ उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर राजनीति करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वे नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी संसद तक पहुंचे। विपक्ष के महिला विरोधी रुख पर उनके निर्वाचन क्षेत्रों की हर महिला सवाल उठाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘1971 में देश की आबादी करीब 50 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 140 करोड़ हो गई है। उस हिसाब से सीटों की संख्या बढ़नी चाहिए लेकिन आपको (विपक्ष को) समस्या इसलिए थी, क्योंकि आप अपनी मौजूदा सीटों का विभाजन नहीं चाहते थे और न ही किसी महिला को आगे आने देना चाहते थे।’’ गुप्ता ने कहा, ‘‘जब हम भारत की तुलना बड़े देशों से करते हैं, तो विपक्ष को यह भी देखना चाहिए कि वहां महिलाओं का प्रतिनिधित्व करीब 50 प्रतिशत है और कुछ देशों में इससे भी अधिक है।

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Apr 19, 2026 - 06:20
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Women Reservation Bill पर Rekha Gupta का हमला, 'महिला विरोधी' रुख पर Opposition को घेरा

 दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित नहीं होने के बाद शनिवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके ‘‘महिला विरोधी’’ रुख पर उनके निर्वाचन क्षेत्रों की हर महिला सवाल उठाएगी। गुप्ता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विपक्ष ने तय कर लिया था कि किसी भी कीमत पर महिलाओं को लोकसभा तक नहीं पहुंचने देंगे।

सच यह है कि उन्हें केवल अपने परिवार की महिलाओं की चिंता है, देश की 70 करोड़ महिलाओं की नहीं।’’ उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर राजनीति करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वे नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी संसद तक पहुंचे। विपक्ष के महिला विरोधी रुख पर उनके निर्वाचन क्षेत्रों की हर महिला सवाल उठाएगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘1971 में देश की आबादी करीब 50 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 140 करोड़ हो गई है। उस हिसाब से सीटों की संख्या बढ़नी चाहिए लेकिन आपको (विपक्ष को) समस्या इसलिए थी, क्योंकि आप अपनी मौजूदा सीटों का विभाजन नहीं चाहते थे और न ही किसी महिला को आगे आने देना चाहते थे।’’ गुप्ता ने कहा, ‘‘जब हम भारत की तुलना बड़े देशों से करते हैं, तो विपक्ष को यह भी देखना चाहिए कि वहां महिलाओं का प्रतिनिधित्व करीब 50 प्रतिशत है और कुछ देशों में इससे भी अधिक है।

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