India Energy Supply | ऊर्जा संकट के बीच पड़ोसी देशों का सहारा बना भारत: बांग्लादेश को भेजा 22,000 टन डीजल, मालदीव-सेशेल्स ने भी मांगी मदद

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक स्तर पर तेल-गैस की कीमतों में आए उछाल के बीच भारत ने अपनी 'पड़ोसी प्रथम' (Neighborhood First) नीति को मज़बूती से लागू किया है। भारत ने संकट की इस घड़ी में न केवल बांग्लादेश को भारी मात्रा में ईंधन की आपूर्ति की है, बल्कि अन्य समुद्री देशों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भी कदम बढ़ाए हैं।इसे भी पढ़ें: Putin से पहले भारत आ सकते हैं Ukraine के राष्ट्रपति, Zelensky के करीबी ने दिल्ली में Jaishankar और Doval से की मुलाकात बांग्लादेश और श्रीलंका को निर्बाध आपूर्तिविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने मार्च 2026 में बांग्लादेश को 22,000 टन हाई-स्पीड डीजल की आपूर्ति की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आपूर्ति इस महीने (अप्रैल) भी जारी है। इसके साथ ही, पिछले महीने श्रीलंका को भी 38 टन पेट्रोलियम उत्पादों की मदद भेजी गई थी। जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर की हाल में मॉरीशस यात्रा के दौरान तेल एवं गैस आपूर्ति के लिए दोनों सरकारों के स्तर पर समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है।इसे भी पढ़ें: Tourism बनेगा Economic Growth का इंजन, हर राज्य विकसित करे एक 'वर्ल्ड क्लास' डेस्टिनेशन– NITI Aayog  उन्होंने बताया कि नेपाल एवं भूटान को मौजूदा व्यवस्थाओं के तहत ईंधन की आपूर्ति किसी तरह की बाधा के बगैर जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पड़ोसी देशों ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान भारत द्वारा निर्बाध ईंधन आपूर्ति के लिए सराहना भी व्यक्त की है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के बाद वैश्विक तेल और गैस कीमतों में उछाल आया है। इ्स समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल और एलएनजी का लगभग 20 प्रतिशत व्यापार होता है।

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Apr 19, 2026 - 06:22
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India Energy Supply | ऊर्जा संकट के बीच पड़ोसी देशों का सहारा बना भारत: बांग्लादेश को भेजा 22,000 टन डीजल, मालदीव-सेशेल्स ने भी मांगी मदद

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक स्तर पर तेल-गैस की कीमतों में आए उछाल के बीच भारत ने अपनी 'पड़ोसी प्रथम' (Neighborhood First) नीति को मज़बूती से लागू किया है। भारत ने संकट की इस घड़ी में न केवल बांग्लादेश को भारी मात्रा में ईंधन की आपूर्ति की है, बल्कि अन्य समुद्री देशों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भी कदम बढ़ाए हैं।

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बांग्लादेश और श्रीलंका को निर्बाध आपूर्ति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने मार्च 2026 में बांग्लादेश को 22,000 टन हाई-स्पीड डीजल की आपूर्ति की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आपूर्ति इस महीने (अप्रैल) भी जारी है। इसके साथ ही, पिछले महीने श्रीलंका को भी 38 टन पेट्रोलियम उत्पादों की मदद भेजी गई थी। जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर की हाल में मॉरीशस यात्रा के दौरान तेल एवं गैस आपूर्ति के लिए दोनों सरकारों के स्तर पर समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: Tourism बनेगा Economic Growth का इंजन, हर राज्य विकसित करे एक 'वर्ल्ड क्लास' डेस्टिनेशन– NITI Aayog

 

उन्होंने बताया कि नेपाल एवं भूटान को मौजूदा व्यवस्थाओं के तहत ईंधन की आपूर्ति किसी तरह की बाधा के बगैर जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पड़ोसी देशों ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान भारत द्वारा निर्बाध ईंधन आपूर्ति के लिए सराहना भी व्यक्त की है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के बाद वैश्विक तेल और गैस कीमतों में उछाल आया है। इ्स समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल और एलएनजी का लगभग 20 प्रतिशत व्यापार होता है।

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