World Cup Quarter Final से पहले England को तगड़ा झटका, दो मैच विनर खिलाड़ियों का खेलना मुश्किल!

नॉर्वे के खिलाफ होने वाले विश्व कप क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले इंग्लैंड की टीम इस समय परेशानी की स्थिति का सामना कर रही है। क्वार्टर फाइनल से पहले टीम के दो अहम खिलाड़ियों मार्क गुएही और डेक्लान राइस की फिटनेस को लेकर चिंता बढ़ गई है।मौजूद जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुखेल की टीम को सबसे बड़ा झटका रक्षक मार्क गुएही की चोट के रूप में लग सकता है। बताया जा रहा है कि वह हैमस्ट्रिंग की हल्की परेशानी से जूझ रहे हैं। इसी कारण उन्होंने गुरुवार को टीम के अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। अब उनकी उपलब्धता को लेकर अंतिम फैसला मुकाबले से पहले मेडिकल टीम की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।बता दें कि मार्क गुएही ने अंतिम 16 के मुकाबले में सह-मेजबान मेक्सिको के खिलाफ पूरा मैच खेला था। इंग्लैंड ने उस रोमांचक मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। पूरे टूर्नामेंट में गुएही ने रक्षापंक्ति में अहम भूमिका निभाई है और उनकी अनुपस्थिति इंग्लैंड की रणनीति को प्रभावित कर सकती है।यदि गुएही मैच के लिए पूरी तरह फिट नहीं हो पाते हैं, तो जॉन स्टोन्स और डैन बर्न उनके विकल्प के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। दोनों खिलाड़ियों ने मेक्सिको के खिलाफ मुकाबले में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में खेला था और टीम प्रबंधन उनके अनुभव पर भरोसा जता सकता है।इधर इंग्लैंड के लिए एक और चिंता डेक्लान राइस की फिटनेस भी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, वह गुरुवार के अभ्यास सत्र में शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि वह एक सामान्य संक्रमण के साथ-साथ हैमस्ट्रिंग और पीठ की तकलीफ से भी जूझ रहे हैं। हालांकि टीम की ओर से अभी तक उनकी चोट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन क्वार्टर फाइनल से पहले उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।गौरतलब है कि दूसरी ओर नॉर्वे की टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। टीम के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड ने मुकाबले से पहले इंग्लैंड को टूर्नामेंट जीतने का मजबूत दावेदार बताया है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड इस विश्व कप की सबसे मजबूत टीमों में से एक है और इसी कारण लोगों का दबाव भी इंग्लैंड के खिलाड़ियों पर रहेगा।हालांड ने कहा कि उनके लिए यह मुकाबला बेहद खास होने वाला है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म इंग्लैंड में हुआ था और वह वहां के क्लब फुटबॉल में भी खेलते हैं। ऐसे में इंग्लैंड के कई खिलाड़ियों के साथ उनका व्यक्तिगत परिचय भी है। उनके अनुसार यह मुकाबला अलग तरह का अनुभव होगा और वह इसका पूरा आनंद लेना चाहते हैं।नॉर्वे के अब तक के सफर पर बात करते हुए एरलिंग हालांड ने स्वीकार किया कि उन्होंने भी यह उम्मीद नहीं की थी कि उनकी टीम विश्व कप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि विश्व कप में खेलना ही उनके करियर का एक बड़ा सपना था, लेकिन अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ इस मंच पर उतरना उनके लिए गर्व की बात है।हालांड ने कहा कि ब्राजील जैसी मजबूत टीम को हराकर क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना नॉर्वे के लिए किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं है। उनके अनुसार नॉर्वे के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह पल बेहद भावुक और यादगार है। उन्होंने कहा कि अब इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड के पास अनुभव और मजबूत खिलाड़ियों का संतुलन है, जबकि नॉर्वे के पास एरलिंग हालांड जैसे मैच का रुख बदलने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। ऐसे में यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।  हालांकि इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रमुख खिलाड़ियों को समय पर पूरी तरह फिट करना होगी, क्योंकि विश्व कप के इस महत्वपूर्ण चरण में एक छोटी सी कमी भी टीम की खिताबी उम्मीदों पर असर डाल सकती है। फिलहाल दोनों टीमें अंतिम तैयारियों में जुटी हुई हैं और फुटबॉल प्रेमियों की नजर इस बहुप्रतीक्षित क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर टिकी हुई है।

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Jul 11, 2026 - 09:04
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World Cup Quarter Final से पहले England को तगड़ा झटका, दो मैच विनर खिलाड़ियों का खेलना मुश्किल!
नॉर्वे के खिलाफ होने वाले विश्व कप क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले इंग्लैंड की टीम इस समय परेशानी की स्थिति का सामना कर रही है। क्वार्टर फाइनल से पहले टीम के दो अहम खिलाड़ियों मार्क गुएही और डेक्लान राइस की फिटनेस को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुखेल की टीम को सबसे बड़ा झटका रक्षक मार्क गुएही की चोट के रूप में लग सकता है। बताया जा रहा है कि वह हैमस्ट्रिंग की हल्की परेशानी से जूझ रहे हैं। इसी कारण उन्होंने गुरुवार को टीम के अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। अब उनकी उपलब्धता को लेकर अंतिम फैसला मुकाबले से पहले मेडिकल टीम की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

बता दें कि मार्क गुएही ने अंतिम 16 के मुकाबले में सह-मेजबान मेक्सिको के खिलाफ पूरा मैच खेला था। इंग्लैंड ने उस रोमांचक मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। पूरे टूर्नामेंट में गुएही ने रक्षापंक्ति में अहम भूमिका निभाई है और उनकी अनुपस्थिति इंग्लैंड की रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

यदि गुएही मैच के लिए पूरी तरह फिट नहीं हो पाते हैं, तो जॉन स्टोन्स और डैन बर्न उनके विकल्प के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। दोनों खिलाड़ियों ने मेक्सिको के खिलाफ मुकाबले में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में खेला था और टीम प्रबंधन उनके अनुभव पर भरोसा जता सकता है।

इधर इंग्लैंड के लिए एक और चिंता डेक्लान राइस की फिटनेस भी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, वह गुरुवार के अभ्यास सत्र में शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि वह एक सामान्य संक्रमण के साथ-साथ हैमस्ट्रिंग और पीठ की तकलीफ से भी जूझ रहे हैं। हालांकि टीम की ओर से अभी तक उनकी चोट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन क्वार्टर फाइनल से पहले उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि दूसरी ओर नॉर्वे की टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। टीम के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड ने मुकाबले से पहले इंग्लैंड को टूर्नामेंट जीतने का मजबूत दावेदार बताया है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड इस विश्व कप की सबसे मजबूत टीमों में से एक है और इसी कारण लोगों का दबाव भी इंग्लैंड के खिलाड़ियों पर रहेगा।

हालांड ने कहा कि उनके लिए यह मुकाबला बेहद खास होने वाला है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म इंग्लैंड में हुआ था और वह वहां के क्लब फुटबॉल में भी खेलते हैं। ऐसे में इंग्लैंड के कई खिलाड़ियों के साथ उनका व्यक्तिगत परिचय भी है। उनके अनुसार यह मुकाबला अलग तरह का अनुभव होगा और वह इसका पूरा आनंद लेना चाहते हैं।

नॉर्वे के अब तक के सफर पर बात करते हुए एरलिंग हालांड ने स्वीकार किया कि उन्होंने भी यह उम्मीद नहीं की थी कि उनकी टीम विश्व कप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि विश्व कप में खेलना ही उनके करियर का एक बड़ा सपना था, लेकिन अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ इस मंच पर उतरना उनके लिए गर्व की बात है।

हालांड ने कहा कि ब्राजील जैसी मजबूत टीम को हराकर क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना नॉर्वे के लिए किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं है। उनके अनुसार नॉर्वे के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह पल बेहद भावुक और यादगार है। उन्होंने कहा कि अब इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड के पास अनुभव और मजबूत खिलाड़ियों का संतुलन है, जबकि नॉर्वे के पास एरलिंग हालांड जैसे मैच का रुख बदलने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। ऐसे में यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
 
हालांकि इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रमुख खिलाड़ियों को समय पर पूरी तरह फिट करना होगी, क्योंकि विश्व कप के इस महत्वपूर्ण चरण में एक छोटी सी कमी भी टीम की खिताबी उम्मीदों पर असर डाल सकती है। फिलहाल दोनों टीमें अंतिम तैयारियों में जुटी हुई हैं और फुटबॉल प्रेमियों की नजर इस बहुप्रतीक्षित क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर टिकी हुई है।

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