Women Health: पीरियड्स में गैस की समस्या हो गई हैं परेशान तो ट्राई करें डॉक्टर ये उपाय, जल्द मिलेगी राहत

पीरियड्स आना हर महिला के जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है। लेकिन प्राकृतिक प्रक्रिया के दौरान कई बार महिलाओं को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। इन्हीं में से एक समस्या पेट में अधिक गैस बनना है। कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट में दर्द, गैस की वजह से ऐंठन और खट्टी डकारों की परेशानी होती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि ऐसा क्यों होता है और इसको कैसे कंट्रोल किया जाए।हार्मोनल बदलावपीरियड्सके दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोनों में उतार-चढ़ाव होता है। यह हार्मोन आंतों की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं, जिससे पाचन तंत्रिका का काम धीमा हो जाता है और पेट में गैस बनने लगती है।इसे भी पढ़ें: Wrong Size Bra: गलत साइज की ब्रा पहनने से हो सकते हैं ये नुकसान, बिगड़ सकता है बॉडी पॉश्चरपाचन तंत्रपीरियड्स में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिस कारण प्रोजेस्टेरोन हार्मोन आंतों की गति को धीमा कर देता है। जिसकी वजह से खाना आंतों में लंबे समय रुकता है और फर्मेंटेशन शुरू हो जाता है। इसकी वजह से पेट में गैस बनती है।फूड क्रेविंग और गलत खानपानपीरियड्स के समय कई महिलाओं को चिप्स, चॉकलेट, मीठा और तली हुई चीजों को खाने की क्रेविंग अधिक होती है। इस तरह के फूड आइटम को पीरियड्स के समय खाने से ब्लोटिंग और गैस की समस्या हो सकती है।मानसिक तनाव और मूड स्विंगएक्सपर्ट की मानें, तो हार्मोनल बदलावों की वजह से पीरियड्स में तनाव, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन होता है। वहीं तनाव का सीधा असर आंतों और पेट पर पड़ता है। जिसकी वजह से पेट दर्द, गैस और सूजन हो सकती है।पीरियड्स में किसे होती है गैस की समस्याजिन महिलाओं को आईबीएस है।पाचन तंत्र पहले से कमजोर है।खानपान में फाइबर की कमी है।अधिक प्रोसेस्ड फूड खाने वाली महिलाओं को यह समस्या हो सकती है।जिन महिलाओं का वजन सामान्य से अधिक है।कैसे पाएं राहतखाने में सब्जियों, फलों, ओट्स, मूंग की दाल और दलिया आदि शामिल करना चाहिए। हर तरह के फूड आइटम्स में हाई फाइबर पाता जाता है। जिसको पचाने के लिए शरीर को एक्स्ट्रा मेहनत नहीं करनी पड़ती है और गैस की समस्या भी दूर होती है।पीरियड्स के दौरान गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। इससे आपका शरीर डिटॉक्स होता है और यह गैस व ब्लोटिंग की समस्या भी कम करता है।गैस और अपच में अदरक और अजवाइन बहुत असरदार मानी जाती हैं। वहीं पीरियड्स के दौरान अजवाइन और नमक का सेवन करने से गैस की समस्या नहीं होती है।पीरियड्स के दौरान अधिक आराम नहीं करना चाहिए। हालांकि हल्के योगासन और टहलने से गैस की समस्या से राहत मिल सकती है।पुदीना टी, कैमोमाइल टी, अदरक की चाय और सौंफ की चाय का सेवन करने से पीरियड्स के समय बनने वाली गैस और ब्लोटिंग की समस्या से राहत मिलती है।

PNSPNS
Aug 13, 2025 - 04:30
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Women Health: पीरियड्स में गैस की समस्या हो गई हैं परेशान तो ट्राई करें डॉक्टर ये उपाय, जल्द मिलेगी राहत
पीरियड्स आना हर महिला के जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है। लेकिन प्राकृतिक प्रक्रिया के दौरान कई बार महिलाओं को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। इन्हीं में से एक समस्या पेट में अधिक गैस बनना है। कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट में दर्द, गैस की वजह से ऐंठन और खट्टी डकारों की परेशानी होती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि ऐसा क्यों होता है और इसको कैसे कंट्रोल किया जाए।

हार्मोनल बदलाव

पीरियड्सके दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोनों में उतार-चढ़ाव होता है। यह हार्मोन आंतों की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं, जिससे पाचन तंत्रिका का काम धीमा हो जाता है और पेट में गैस बनने लगती है।

इसे भी पढ़ें: Wrong Size Bra: गलत साइज की ब्रा पहनने से हो सकते हैं ये नुकसान, बिगड़ सकता है बॉडी पॉश्चर


पाचन तंत्र

पीरियड्स में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिस कारण प्रोजेस्टेरोन हार्मोन आंतों की गति को धीमा कर देता है। जिसकी वजह से खाना आंतों में लंबे समय रुकता है और फर्मेंटेशन शुरू हो जाता है। इसकी वजह से पेट में गैस बनती है।

फूड क्रेविंग और गलत खानपान

पीरियड्स के समय कई महिलाओं को चिप्स, चॉकलेट, मीठा और तली हुई चीजों को खाने की क्रेविंग अधिक होती है। इस तरह के फूड आइटम को पीरियड्स के समय खाने से ब्लोटिंग और गैस की समस्या हो सकती है।

मानसिक तनाव और मूड स्विंग

एक्सपर्ट की मानें, तो हार्मोनल बदलावों की वजह से पीरियड्स में तनाव, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन होता है। वहीं तनाव का सीधा असर आंतों और पेट पर पड़ता है। जिसकी वजह से पेट दर्द, गैस और सूजन हो सकती है।

पीरियड्स में किसे होती है गैस की समस्या

जिन महिलाओं को आईबीएस है।
पाचन तंत्र पहले से कमजोर है।
खानपान में फाइबर की कमी है।
अधिक प्रोसेस्ड फूड खाने वाली महिलाओं को यह समस्या हो सकती है।
जिन महिलाओं का वजन सामान्य से अधिक है।

कैसे पाएं राहत

खाने में सब्जियों, फलों, ओट्स, मूंग की दाल और दलिया आदि शामिल करना चाहिए। हर तरह के फूड आइटम्स में हाई फाइबर पाता जाता है। जिसको पचाने के लिए शरीर को एक्स्ट्रा मेहनत नहीं करनी पड़ती है और गैस की समस्या भी दूर होती है।

पीरियड्स के दौरान गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। इससे आपका शरीर डिटॉक्स होता है और यह गैस व ब्लोटिंग की समस्या भी कम करता है।

गैस और अपच में अदरक और अजवाइन बहुत असरदार मानी जाती हैं। वहीं पीरियड्स के दौरान अजवाइन और नमक का सेवन करने से गैस की समस्या नहीं होती है।

पीरियड्स के दौरान अधिक आराम नहीं करना चाहिए। हालांकि हल्के योगासन और टहलने से गैस की समस्या से राहत मिल सकती है।

पुदीना टी, कैमोमाइल टी, अदरक की चाय और सौंफ की चाय का सेवन करने से पीरियड्स के समय बनने वाली गैस और ब्लोटिंग की समस्या से राहत मिलती है।

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