Prabhasakshi NewsRoom: Pakistan का सबसे बड़ा झूठ बेनकाब, जिन Indian Air Bases पर हमले का दावा किया वो हैं ही नहीं

पाकिस्तान एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी झूठी और हास्यास्पद हरकतों के कारण उपहास का पात्र बन गया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक और निर्णायक अभियान "ऑपरेशन सिंदूर" ने जिस तरह पाकिस्तान की आतंक समर्थक व्यवस्था की कमर तोड़ी थी, उसका दर्द आज भी इस्लामाबाद के शासकों और सेना के चेहरों पर साफ दिखाई देता है। अब हालत यह है कि पाकिस्तान अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसे हवाई अड्डों पर हमला करने का दावा कर रहा है, जिनका अस्तित्व ही नहीं है।सोशल मीडिया पर वायरल एक दृश्य में पाकिस्तानी सेना का एक अधिकारी यह दावा करता दिखाई दे रहा है कि "ऑपरेशन बुनयान उल मरसूस" के तहत उसने भारत के राजौरी और मामून हवाई अड्डों को निशाना बनाया। हैरत की बात यह है कि राजौरी और मामून में कोई हवाई अड्डा है ही नहीं। राजौरी जम्मू-कश्मीर का एक संवेदनशील सीमावर्ती इलाका है, जबकि मामून पंजाब के पठानकोट क्षेत्र के पास स्थित है, लेकिन दोनों स्थानों पर कोई हवाई अड्डा मौजूद नहीं। इस बयान ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की सैन्य और खुफिया व्यवस्था की पोल खोल दी है।इसे भी पढ़ें: ग्वादर बेस के बदले पाकिस्तान ने चीन से मांगा ऐसा खतरनाक हथियार, अमेरिका को चल गया पतादरअसल, भारत के "ऑपरेशन सिंदूर" ने पाकिस्तान को ऐसा घाव दिया है जिससे वह आज तक उबर नहीं पाया। भारतीय सेना ने केवल 22 मिनट की सटीक और योजनाबद्ध कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में छिपे आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया था। जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के कई ठिकाने मिट्टी में मिला दिए गए। यह कार्रवाई भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति, कूटनीतिक समझ और रणनीतिक परिपक्वता का भी परिचायक थी।भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में स्पष्ट शब्दों में कहा था कि "ऑपरेशन सिंदूर" ने दुनिया को यह दिखा दिया कि भारत कब, कितना और किस प्रकार प्रहार करना जानता है। उन्होंने कहा कि भारत ने केवल अठासी घंटों के भीतर आतंक के ढांचे को तोड़ दिया और फिर पूरी सूझबूझ के साथ कार्रवाई रोक दी। यही भारत की असली ताकत है। भारत युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि कोई उसकी संप्रभुता को चुनौती देगा तो उसे ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वह पीढ़ियों तक याद रखेगा।देखा जाये तो पाकिस्तान की बौखलाहट का सबसे बड़ा कारण यही है कि उसकी मिसाइलें और ड्रोन भारतीय सीमा में घुसते ही ध्वस्त कर दिए गए थे। भारत की बहुस्तरीय वायु सुरक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की हर चाल को हवा में ही खत्म कर दिया था। पाकिस्तान एक भी भारतीय ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा पाया था। इसके उलट भारतीय सेना ने आतंक के अड्डों को चुन चुनकर तबाह किया था। यही कारण है कि आज पाकिस्तान की सेना काल्पनिक हवाई अड्डों पर हमले की कहानियां गढ़कर अपनी जनता को बहलाने की कोशिश कर रही है।हम आपको यह भी बता दें कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी गीदड़ भभकी देते हुए कहा है कि यदि भारत ने दोबारा कार्रवाई की तो पाकिस्तान भारत का भूगोल बदल देगा। लेकिन सच यह है कि दुनिया जानती है कि पाकिस्तान की असली ताकत केवल खोखली बयानबाजी और आतंकवाद को पालने पोसने तक सीमित है। जब भी सीधी टक्कर की बात आती है, पाकिस्तान को बातचीत और युद्धविराम की गुहार लगानी पड़ती है। "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान भी पाकिस्तान की सेना भारत के सामने टिक नहीं पाई थी और अंत में उसे संघर्षविराम की गुहार लगानी पड़ी थी।हम आपको बता दें कि भारतीय सेना के पूर्व सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने हाल ही में खुलासा किया था कि पाकिस्तान भारतीय प्रहारों से इतना घबरा गया था कि उसने हमले रोकने की अपील की थी। देखा जाये तो भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि नया भारत आतंकवाद को सहन नहीं करेगा। हमारे जवानों ने यह दिखा दिया था कि यदि भारत पर हमला होगा तो जवाब केवल शब्दों में नहीं, बल्कि दुश्मन की धरती पर जाकर दिया जाएगा। दूसरी ओर पाकिस्तान अपनी झूठी कहानियों, फर्जी दावों और हास्यास्पद प्रचार के सहारे दुनिया को गुमराह करने की असफल कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान वैसे तो हर मंच पर परमाणु धमकी देता फिरता है, लेकिन जब भारतीय सेना का पराक्रम सामने आता है तो उसकी सारी अकड़ निकल जाती है।बहरहाल, सच्चाई यही है कि "ऑपरेशन सिंदूर" ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा दी थी और आज तक वह उसी अपमान की आग में जल रहा है। भारतीय सेना की वीरता और रणनीतिक क्षमता के सामने पाकिस्तान की हर साजिश, हर धमकी और हर झूठ बौना साबित हुआ है।

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May 20, 2026 - 12:17
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Prabhasakshi NewsRoom: Pakistan का सबसे बड़ा झूठ बेनकाब, जिन Indian Air Bases पर हमले का दावा किया वो हैं ही नहीं
पाकिस्तान एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी झूठी और हास्यास्पद हरकतों के कारण उपहास का पात्र बन गया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक और निर्णायक अभियान "ऑपरेशन सिंदूर" ने जिस तरह पाकिस्तान की आतंक समर्थक व्यवस्था की कमर तोड़ी थी, उसका दर्द आज भी इस्लामाबाद के शासकों और सेना के चेहरों पर साफ दिखाई देता है। अब हालत यह है कि पाकिस्तान अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसे हवाई अड्डों पर हमला करने का दावा कर रहा है, जिनका अस्तित्व ही नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल एक दृश्य में पाकिस्तानी सेना का एक अधिकारी यह दावा करता दिखाई दे रहा है कि "ऑपरेशन बुनयान उल मरसूस" के तहत उसने भारत के राजौरी और मामून हवाई अड्डों को निशाना बनाया। हैरत की बात यह है कि राजौरी और मामून में कोई हवाई अड्डा है ही नहीं। राजौरी जम्मू-कश्मीर का एक संवेदनशील सीमावर्ती इलाका है, जबकि मामून पंजाब के पठानकोट क्षेत्र के पास स्थित है, लेकिन दोनों स्थानों पर कोई हवाई अड्डा मौजूद नहीं। इस बयान ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की सैन्य और खुफिया व्यवस्था की पोल खोल दी है।

इसे भी पढ़ें: ग्वादर बेस के बदले पाकिस्तान ने चीन से मांगा ऐसा खतरनाक हथियार, अमेरिका को चल गया पता

दरअसल, भारत के "ऑपरेशन सिंदूर" ने पाकिस्तान को ऐसा घाव दिया है जिससे वह आज तक उबर नहीं पाया। भारतीय सेना ने केवल 22 मिनट की सटीक और योजनाबद्ध कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में छिपे आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया था। जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के कई ठिकाने मिट्टी में मिला दिए गए। यह कार्रवाई भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति, कूटनीतिक समझ और रणनीतिक परिपक्वता का भी परिचायक थी।

भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में स्पष्ट शब्दों में कहा था कि "ऑपरेशन सिंदूर" ने दुनिया को यह दिखा दिया कि भारत कब, कितना और किस प्रकार प्रहार करना जानता है। उन्होंने कहा कि भारत ने केवल अठासी घंटों के भीतर आतंक के ढांचे को तोड़ दिया और फिर पूरी सूझबूझ के साथ कार्रवाई रोक दी। यही भारत की असली ताकत है। भारत युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि कोई उसकी संप्रभुता को चुनौती देगा तो उसे ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वह पीढ़ियों तक याद रखेगा।

देखा जाये तो पाकिस्तान की बौखलाहट का सबसे बड़ा कारण यही है कि उसकी मिसाइलें और ड्रोन भारतीय सीमा में घुसते ही ध्वस्त कर दिए गए थे। भारत की बहुस्तरीय वायु सुरक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की हर चाल को हवा में ही खत्म कर दिया था। पाकिस्तान एक भी भारतीय ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा पाया था। इसके उलट भारतीय सेना ने आतंक के अड्डों को चुन चुनकर तबाह किया था। यही कारण है कि आज पाकिस्तान की सेना काल्पनिक हवाई अड्डों पर हमले की कहानियां गढ़कर अपनी जनता को बहलाने की कोशिश कर रही है।

हम आपको यह भी बता दें कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी गीदड़ भभकी देते हुए कहा है कि यदि भारत ने दोबारा कार्रवाई की तो पाकिस्तान भारत का भूगोल बदल देगा। लेकिन सच यह है कि दुनिया जानती है कि पाकिस्तान की असली ताकत केवल खोखली बयानबाजी और आतंकवाद को पालने पोसने तक सीमित है। जब भी सीधी टक्कर की बात आती है, पाकिस्तान को बातचीत और युद्धविराम की गुहार लगानी पड़ती है। "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान भी पाकिस्तान की सेना भारत के सामने टिक नहीं पाई थी और अंत में उसे संघर्षविराम की गुहार लगानी पड़ी थी।

हम आपको बता दें कि भारतीय सेना के पूर्व सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने हाल ही में खुलासा किया था कि पाकिस्तान भारतीय प्रहारों से इतना घबरा गया था कि उसने हमले रोकने की अपील की थी। देखा जाये तो भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि नया भारत आतंकवाद को सहन नहीं करेगा। हमारे जवानों ने यह दिखा दिया था कि यदि भारत पर हमला होगा तो जवाब केवल शब्दों में नहीं, बल्कि दुश्मन की धरती पर जाकर दिया जाएगा। दूसरी ओर पाकिस्तान अपनी झूठी कहानियों, फर्जी दावों और हास्यास्पद प्रचार के सहारे दुनिया को गुमराह करने की असफल कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान वैसे तो हर मंच पर परमाणु धमकी देता फिरता है, लेकिन जब भारतीय सेना का पराक्रम सामने आता है तो उसकी सारी अकड़ निकल जाती है।

बहरहाल, सच्चाई यही है कि "ऑपरेशन सिंदूर" ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा दी थी और आज तक वह उसी अपमान की आग में जल रहा है। भारतीय सेना की वीरता और रणनीतिक क्षमता के सामने पाकिस्तान की हर साजिश, हर धमकी और हर झूठ बौना साबित हुआ है।

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