NEET-UG Paper Leak पर गरजे Rahul Gandhi, बोले- अमृत काल जहर युग बन गया, सरकार जिम्मेदार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत, बलिदान और सपने सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार के कारण चकनाचूर हो गए हैं। यह प्रतिक्रिया राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द करने की घोषणा के बाद आई है। इसे भी पढ़ें: 'Exam नहीं करा सकती तो कैसी Government?', NEET पेपर लीक पर Arvind Kejriwal का सीधा हमलासरकार ने इस मामले को व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया है। X पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द होने से देशभर के छात्रों और उनके परिवारों पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि NEET 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपा सरकार ने चकनाचूर कर दिया है। कांग्रेस नेता ने इस बेहद प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी कर रहे परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक और भावनात्मक बोझ को उजागर किया।गांधी ने लिखा कि कुछ पिताओं ने कर्ज लिया, कुछ माताओं ने अपने गहने बेच दिए, लाखों बच्चे रात-रात भर जागकर पढ़ाई करते रहे, और बदले में उन्हें पेपर लीक, सरकारी उपेक्षा और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार मिला। इस स्थिति को छात्रों के साथ विश्वासघात बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ एक विफलता नहीं है—यह युवाओं के भविष्य के खिलाफ एक अपराध है। राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाया कि ईमानदार छात्र पीड़ित हो रहे हैं जबकि पेपर लीक करने वाले जवाबदेही से बच रहे हैं। इसे भी पढ़ें: NEET UG की दोबारा परीक्षा के लिए फॉर्म और फीस नहीं भरनी होगी, Exam Centre पहले वाला रहेगाउन्होंने कहा कि हर बार पेपर माफिया बिना किसी सजा के बच जाता है, जबकि ईमानदार छात्रों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। उन्होंने पुनर्परीक्षा प्रक्रिया के कारण उम्मीदवारों को होने वाले तनाव की ओर भी इशारा किया। गांधी ने कहा कि अब लाखों छात्रों को एक बार फिर उसी मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि किसी का भाग्य मेहनत से नहीं बल्कि पैसे और जान-पहचान से तय होता है, तो शिक्षा का क्या अर्थ रह जाता है?

PNSPNS
May 13, 2026 - 09:11
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NEET-UG Paper Leak पर गरजे Rahul Gandhi, बोले- अमृत काल जहर युग बन गया, सरकार जिम्मेदार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत, बलिदान और सपने सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार के कारण चकनाचूर हो गए हैं। यह प्रतिक्रिया राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द करने की घोषणा के बाद आई है।
 

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सरकार ने इस मामले को व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया है। X पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द होने से देशभर के छात्रों और उनके परिवारों पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि NEET 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपा सरकार ने चकनाचूर कर दिया है। कांग्रेस नेता ने इस बेहद प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी कर रहे परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक और भावनात्मक बोझ को उजागर किया।

गांधी ने लिखा कि कुछ पिताओं ने कर्ज लिया, कुछ माताओं ने अपने गहने बेच दिए, लाखों बच्चे रात-रात भर जागकर पढ़ाई करते रहे, और बदले में उन्हें पेपर लीक, सरकारी उपेक्षा और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार मिला। इस स्थिति को छात्रों के साथ विश्वासघात बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ एक विफलता नहीं है—यह युवाओं के भविष्य के खिलाफ एक अपराध है। राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाया कि ईमानदार छात्र पीड़ित हो रहे हैं जबकि पेपर लीक करने वाले जवाबदेही से बच रहे हैं।
 

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उन्होंने कहा कि हर बार पेपर माफिया बिना किसी सजा के बच जाता है, जबकि ईमानदार छात्रों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। उन्होंने पुनर्परीक्षा प्रक्रिया के कारण उम्मीदवारों को होने वाले तनाव की ओर भी इशारा किया। गांधी ने कहा कि अब लाखों छात्रों को एक बार फिर उसी मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि किसी का भाग्य मेहनत से नहीं बल्कि पैसे और जान-पहचान से तय होता है, तो शिक्षा का क्या अर्थ रह जाता है?

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