Wrestlers Case में बृजभूषण की मुश्किलें बढ़ीं? SIT सदस्य का बयान दर्ज, अब IO की गवाही पर टिकी निगाहें

राउज़ एवेन्यू अदालत ने पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) के एक सदस्य का बयान दर्ज किया। अदालत ने जांच अधिकारी (आईओ) का बयान दर्ज करने के लिए मामले की सुनवाई 15 और 19 मई को सूचीबद्ध की है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अश्वनी पंवार ने पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले की जांच करने वाली विशेष जांच टीम के सदस्य इंस्पेक्टर संदीप का बयान दर्ज किया। बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर पर महिला पहलवान संघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख रहते हुए भारत और विदेश में महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में मुकदमा चल रहा है।इसे भी पढ़ें: Vinesh Phogat की सरकार को सीधी चेतावनी, 'Gonda में कुछ हुआ तो आप होंगे जिम्मेदार', मचा हड़कंपमहिला पहलवानों ने 2023 में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराई थी।दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अब अभियोजन पक्ष के साक्ष्य लगभग पूरे हो चुके हैं। इस बीच, अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए बृज भूषण ने गोंडा में आयोजित राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद कुश्ती संस्था के फैसलों में अपनी भूमिका से इनकार किया। विनेश फोगाट के आरोपों का खंडन करते हुए बृज भूषण ने दावा किया कि डब्ल्यूएफआई कभी भी किसी खिलाड़ी को टूर्नामेंट में भाग लेने से नहीं रोकता है।इसे भी पढ़ें: Vinesh Phogat पर Brij Bhushan का बड़ा हमला, बोले- Wrestling में उनकी फैलाई गड़बड़ी ठीक कर रहापूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख ने कहा कि मैं फिलहाल उस गड़बड़ी को ठीक करने में लगा हुआ हूं जो इस महिला ने फैलाई है। इसके अलावा, कुश्ती मैच कहां होगा या कहां नहीं होगा, यह मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता। यह विषय फिलहाल डब्ल्यूएफआई (भारतीय कुश्ती महासंघ) के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह तय करना उन्हीं का काम है कि मैच कहां होंगे, कहां नहीं होंगे, कौन प्रतिस्पर्धा करेगा और कौन नहीं। हालांकि, चूंकि मैं भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुका हूं, इसलिए अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि डब्ल्यूएफआई कभी भी किसी खिलाड़ी को प्रतिस्पर्धा करने से नहीं रोकता। ऐसा इसलिए है क्योंकि डब्ल्यूएफआई पूरी तरह से खिलाड़ियों के लिए ही बना है। अगर किसी को प्रतिस्पर्धा करने से रोका गया है, तो इसका कारण जरूर बताया गया होगा।

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May 13, 2026 - 09:11
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Wrestlers Case में बृजभूषण की मुश्किलें बढ़ीं? SIT सदस्य का बयान दर्ज, अब IO की गवाही पर टिकी निगाहें
राउज़ एवेन्यू अदालत ने पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) के एक सदस्य का बयान दर्ज किया। अदालत ने जांच अधिकारी (आईओ) का बयान दर्ज करने के लिए मामले की सुनवाई 15 और 19 मई को सूचीबद्ध की है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अश्वनी पंवार ने पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले की जांच करने वाली विशेष जांच टीम के सदस्य इंस्पेक्टर संदीप का बयान दर्ज किया। बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर पर महिला पहलवान संघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख रहते हुए भारत और विदेश में महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में मुकदमा चल रहा है।

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महिला पहलवानों ने 2023 में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अब अभियोजन पक्ष के साक्ष्य लगभग पूरे हो चुके हैं। इस बीच, अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए बृज भूषण ने गोंडा में आयोजित राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद कुश्ती संस्था के फैसलों में अपनी भूमिका से इनकार किया। विनेश फोगाट के आरोपों का खंडन करते हुए बृज भूषण ने दावा किया कि डब्ल्यूएफआई कभी भी किसी खिलाड़ी को टूर्नामेंट में भाग लेने से नहीं रोकता है।

इसे भी पढ़ें: Vinesh Phogat पर Brij Bhushan का बड़ा हमला, बोले- Wrestling में उनकी फैलाई गड़बड़ी ठीक कर रहा

पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख ने कहा कि मैं फिलहाल उस गड़बड़ी को ठीक करने में लगा हुआ हूं जो इस महिला ने फैलाई है। इसके अलावा, कुश्ती मैच कहां होगा या कहां नहीं होगा, यह मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता। यह विषय फिलहाल डब्ल्यूएफआई (भारतीय कुश्ती महासंघ) के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह तय करना उन्हीं का काम है कि मैच कहां होंगे, कहां नहीं होंगे, कौन प्रतिस्पर्धा करेगा और कौन नहीं। हालांकि, चूंकि मैं भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुका हूं, इसलिए अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि डब्ल्यूएफआई कभी भी किसी खिलाड़ी को प्रतिस्पर्धा करने से नहीं रोकता। ऐसा इसलिए है क्योंकि डब्ल्यूएफआई पूरी तरह से खिलाड़ियों के लिए ही बना है। अगर किसी को प्रतिस्पर्धा करने से रोका गया है, तो इसका कारण जरूर बताया गया होगा।

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