Iran Protest । खामेनेई सरकार का फरमान, प्रदर्शनकारी 'खुदा के दुश्मन', मिलेगी मौत की सजा!

ईरान में पिछले दो हफ्तों से चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच, अयातुल्ला खामेनेई की सरकार ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। देश के अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि प्रदर्शनों में शामिल होने वाले लोगों को 'भगवान का दुश्मन' माना जाएगा। ईरान के कानून के मुताबिक, इस अपराध के लिए मौत की सजा दी जा सकती है।ईरान में इस वक्त हालात का सही अंदाजा लगाना मुश्किल है क्योंकि सरकार ने इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बावजूद, रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक लगभग 116 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसे भी पढ़ें: United States ने सीरिया में ISIS के खिलाफ फिर जवाबी हमले शुरू किएदेशभर में फैला विरोधयह विरोध प्रदर्शन केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि तेहरान समेत ईरान के कई बड़े शहरों में फैल चुका है। चहारमहल, बख्तियारी और केरमानशाह जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा हिंसा और मौतें दर्ज की गई हैं। प्रदर्शन की शुरुआत पिछले महीने ईरान में बढ़ती महंगाई, पैसों की गिरती कीमत और खराब जीवन स्तर के विरोध में हुई थी।इंटरनेट पर पाबंदीईरान में पिछले तीन दिनों से इंटरनेट ठप्प है, जिससे लोग अपने परिवार वालों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं और न ही दुनिया को वहां की सही स्थिति पता चल पा रही है। केवल कुछ सरकारी मीडिया चैनलों को ही काम करने की अनुमति दी गई है। मानवाधिकार संस्थाओं का कहना है कि इंटरनेट बंद होने के कारण असल मौतों का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। इसे भी पढ़ें: Pakistan के सिंध प्रांत में जमींदार ने 23 वर्षीय हिंदू किसान की गोली मारकर हत्या कीविरोध प्रदर्शन क्यों तेज हुए?ईरान के पूर्व राजा के बेटे, रजा पहलवी की एक अपील के बाद प्रदर्शनों ने और जोर पकड़ लिया है। निर्वासन में रह रहे पहलवी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर लोगों से न केवल सड़कों पर उतरने, बल्कि शहरों के मुख्य केंद्रों पर कब्जा करने और उन्हें अपने नियंत्रण में लेने की अपील की है।

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Jan 11, 2026 - 20:32
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Iran Protest । खामेनेई सरकार का फरमान, प्रदर्शनकारी 'खुदा के दुश्मन', मिलेगी मौत की सजा!
ईरान में पिछले दो हफ्तों से चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच, अयातुल्ला खामेनेई की सरकार ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। देश के अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि प्रदर्शनों में शामिल होने वाले लोगों को 'भगवान का दुश्मन' माना जाएगा। ईरान के कानून के मुताबिक, इस अपराध के लिए मौत की सजा दी जा सकती है।

ईरान में इस वक्त हालात का सही अंदाजा लगाना मुश्किल है क्योंकि सरकार ने इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बावजूद, रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक लगभग 116 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
 

इसे भी पढ़ें: United States ने सीरिया में ISIS के खिलाफ फिर जवाबी हमले शुरू किए


देशभर में फैला विरोध

यह विरोध प्रदर्शन केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि तेहरान समेत ईरान के कई बड़े शहरों में फैल चुका है। चहारमहल, बख्तियारी और केरमानशाह जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा हिंसा और मौतें दर्ज की गई हैं। प्रदर्शन की शुरुआत पिछले महीने ईरान में बढ़ती महंगाई, पैसों की गिरती कीमत और खराब जीवन स्तर के विरोध में हुई थी।

इंटरनेट पर पाबंदी

ईरान में पिछले तीन दिनों से इंटरनेट ठप्प है, जिससे लोग अपने परिवार वालों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं और न ही दुनिया को वहां की सही स्थिति पता चल पा रही है। केवल कुछ सरकारी मीडिया चैनलों को ही काम करने की अनुमति दी गई है। मानवाधिकार संस्थाओं का कहना है कि इंटरनेट बंद होने के कारण असल मौतों का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
 

इसे भी पढ़ें: Pakistan के सिंध प्रांत में जमींदार ने 23 वर्षीय हिंदू किसान की गोली मारकर हत्या की


विरोध प्रदर्शन क्यों तेज हुए?

ईरान के पूर्व राजा के बेटे, रजा पहलवी की एक अपील के बाद प्रदर्शनों ने और जोर पकड़ लिया है। निर्वासन में रह रहे पहलवी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर लोगों से न केवल सड़कों पर उतरने, बल्कि शहरों के मुख्य केंद्रों पर कब्जा करने और उन्हें अपने नियंत्रण में लेने की अपील की है।

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