ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि ईरान के लोग अब 'आजादी की ओर देख रहे हैं' और अमेरिका उनकी मदद के लिए पूरी तरह तैयार है।
ट्रंप ने ईरान की सरकार को चेतावनी भी दी है कि वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ताकत का इस्तेमाल न करें। ट्रंप के इस रुख के बाद ईरान ने आरोप लगाया है कि इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका का हाथ है।
इजरायल में हलचल तेज, सुरक्षा बैठकें हुईं
ईरान में बढ़ती हिंसा और अमेरिका के कड़े रुख को देखते हुए इजरायल 'हाई अलर्ट' पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल को अंदेशा है कि अमेरिका ईरान में कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। इस संभावना को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच फोन पर बातचीत भी हुई है। इजरायल की सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
विरोध की वजह और बढ़ती हिंसा
ईरान में यह प्रदर्शन दो हफ्ते पहले बढ़ती महंगाई और आर्थिक तंगी के कारण शुरू हुए थे, लेकिन अब यह आंदोलन सरकार को हटाने की मांग में बदल गया है। हिंसक झड़पों में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। ईरान सरकार का कहना है कि यह सब विदेशी ताकतों की साजिश है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी खराब जीवन स्थितियों और आजादी के लिए सड़कों पर हैं।