India Gate पर माओवादी नारे लगाने के मामले में छह को जमानत, चार की याचिका खारिज

दिल्ली की एक अदालत ने कर्तव्य पथ स्थित इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माओवादी कमांडर माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार छह प्रदर्शनकारियों को मंगलवार को 15,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। न्यायिक मजिस्ट्रेट अरिदमन सिंह चीमा ने मेहुल, प्रीतिरानी, सिमरन, नोई, वागीशा और करीना को यह कहते हुए जमानत दी कि उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि सभी डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। अदालत ने यह भी कहा कि इन आरोपियों के खिलाफ नक्सलियों से संबंधित कट्टरपंथी संगठनों की सदस्यता का कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि, अदालत ने गुरकीरत कौर, रवजोत कौर, आयशा वफिया और अविनाश सत्यपति की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। न्यायाधीश ने जमानत आदेश में उल्लेख किया कि आरोपियों द्वारा लगाए गए नारे सीधे हिडमा के समर्थन में थे और आरोपी प्रतिबंधित नक्सली संगठन ’रेडिकल स्टूडेंट यूनियन’ (आरएसयू) के कथित सदस्य भी हैं। जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि इस स्तर पर आरोपियों को रिहा करने से वे इसी तरह के अपराधों को अंजाम दे सकते हैं या फरार हो सकते हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी अक्षय ई आर की जमानत याचिका पर दलीलें लंबित होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई और अब इस पर शनिवार को विचार किया जाएगा।

PNSPNS
Dec 13, 2025 - 13:42
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India Gate पर माओवादी नारे लगाने के मामले में छह को जमानत, चार की याचिका खारिज

दिल्ली की एक अदालत ने कर्तव्य पथ स्थित इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माओवादी कमांडर माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार छह प्रदर्शनकारियों को मंगलवार को 15,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।

न्यायिक मजिस्ट्रेट अरिदमन सिंह चीमा ने मेहुल, प्रीतिरानी, सिमरन, नोई, वागीशा और करीना को यह कहते हुए जमानत दी कि उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि सभी डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं।

अदालत ने यह भी कहा कि इन आरोपियों के खिलाफ नक्सलियों से संबंधित कट्टरपंथी संगठनों की सदस्यता का कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि, अदालत ने गुरकीरत कौर, रवजोत कौर, आयशा वफिया और अविनाश सत्यपति की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

न्यायाधीश ने जमानत आदेश में उल्लेख किया कि आरोपियों द्वारा लगाए गए नारे सीधे हिडमा के समर्थन में थे और आरोपी प्रतिबंधित नक्सली संगठन ’रेडिकल स्टूडेंट यूनियन’ (आरएसयू) के कथित सदस्य भी हैं।

जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि इस स्तर पर आरोपियों को रिहा करने से वे इसी तरह के अपराधों को अंजाम दे सकते हैं या फरार हो सकते हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी अक्षय ई आर की जमानत याचिका पर दलीलें लंबित होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई और अब इस पर शनिवार को विचार किया जाएगा।

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