India-EU की 'Defence Deal' से बदलेगा ग्लोबल समीकरण? राजनाथ सिंह ने बताया पूरा Action Plan

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के रक्षा उद्योगों को वैश्विक हित के लिए अपने प्रयासों में समन्वय स्थापित करना चाहिए। नई दिल्ली में यूरोपीय आयोग की मानवाधिकार उपाध्यक्ष काजा कल्लास के साथ हुई बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ लोकतंत्र, बहुलवाद और कानून के शासन के सिद्धांतों को साझा करते हैं, जो उनकी लगातार मजबूत होती साझेदारी का आधार हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत इन्हीं मूल्यों को वैश्विक स्थिरता, सतत विकास और समावेशी समृद्धि के लिए व्यावहारिक सहयोग में बदलना चाहता है। राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक हित के लिए भारतीय और यूरोपीय संघ के रक्षा उद्योगों को अपने प्रयासों में समन्वय स्थापित करना चाहिए। यह आत्मनिर्भर भारत के भारत के दृष्टिकोण का पूरक है और साथ ही यूरोपीय संघ की रणनीतिक स्वायत्तता की खोज के अनुरूप भी है।इसे भी पढ़ें: India-EU की 'Mega Deal' से बदलेगा वैश्विक समीकरण? इन 13 समझौतों पर लगी मुहरयह साझेदारी विश्वसनीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र और भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं के निर्माण हेतु आपूर्ति श्रृंखलाओं को एकीकृत करके एक शक्ति गुणक के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ की 'पुनः शस्त्र पहल' में भारत का रक्षा उद्योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, विशेष रूप से तब जब यूरोपीय संघ आपूर्तिकर्ताओं में तेजी से विविधता लाने और निर्भरताओं को कम करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कल्लास की भारत यात्रा को विशेष बताया, क्योंकि यह 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हो रही है।इसे भी पढ़ें: India-EU Trade Deal: 110% से घटकर 10% होगा टैरिफ, सस्ती हो गई लग्जरी कारें!काजा कल्लास ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनकर, विशेषकर कर्तव्य पथ पर परेड में यूरोपीय संघ की उपस्थिति पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ को हिंद महासागर क्षेत्र में मिलकर काम करना चाहिए और संयुक्त अभ्यासों के माध्यम से एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से सीखना चाहिए। मंत्री ने गुरुग्राम स्थित भारतीय नौसेना के सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) में एक संपर्क अधिकारी (एलओ) की तैनाती के यूरोपीय संघ के प्रस्ताव का स्वागत किया। आईएफसी-आईओआर में यूरोपीय संघ के एलओ की तैनाती से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती विरोधी अभियानों और खतरे के आकलन के लिए भारतीय नौसेना के साथ परिचालन समन्वय मजबूत होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास के साथ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करने के बाद इस बात पर जोर दिया कि वे भारत और यूरोपीय संघ के देशों के बीच "अधिक सहयोग" की उम्मीद कर रहे हैं।

PNSPNS
Jan 28, 2026 - 10:30
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India-EU की 'Defence Deal' से बदलेगा ग्लोबल समीकरण? राजनाथ सिंह ने बताया पूरा Action Plan
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के रक्षा उद्योगों को वैश्विक हित के लिए अपने प्रयासों में समन्वय स्थापित करना चाहिए। नई दिल्ली में यूरोपीय आयोग की मानवाधिकार उपाध्यक्ष काजा कल्लास के साथ हुई बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ लोकतंत्र, बहुलवाद और कानून के शासन के सिद्धांतों को साझा करते हैं, जो उनकी लगातार मजबूत होती साझेदारी का आधार हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत इन्हीं मूल्यों को वैश्विक स्थिरता, सतत विकास और समावेशी समृद्धि के लिए व्यावहारिक सहयोग में बदलना चाहता है। राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक हित के लिए भारतीय और यूरोपीय संघ के रक्षा उद्योगों को अपने प्रयासों में समन्वय स्थापित करना चाहिए। यह आत्मनिर्भर भारत के भारत के दृष्टिकोण का पूरक है और साथ ही यूरोपीय संघ की रणनीतिक स्वायत्तता की खोज के अनुरूप भी है।

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यह साझेदारी विश्वसनीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र और भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं के निर्माण हेतु आपूर्ति श्रृंखलाओं को एकीकृत करके एक शक्ति गुणक के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ की 'पुनः शस्त्र पहल' में भारत का रक्षा उद्योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, विशेष रूप से तब जब यूरोपीय संघ आपूर्तिकर्ताओं में तेजी से विविधता लाने और निर्भरताओं को कम करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कल्लास की भारत यात्रा को विशेष बताया, क्योंकि यह 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हो रही है।

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काजा कल्लास ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनकर, विशेषकर कर्तव्य पथ पर परेड में यूरोपीय संघ की उपस्थिति पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ को हिंद महासागर क्षेत्र में मिलकर काम करना चाहिए और संयुक्त अभ्यासों के माध्यम से एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से सीखना चाहिए। मंत्री ने गुरुग्राम स्थित भारतीय नौसेना के सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) में एक संपर्क अधिकारी (एलओ) की तैनाती के यूरोपीय संघ के प्रस्ताव का स्वागत किया। आईएफसी-आईओआर में यूरोपीय संघ के एलओ की तैनाती से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती विरोधी अभियानों और खतरे के आकलन के लिए भारतीय नौसेना के साथ परिचालन समन्वय मजबूत होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास के साथ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करने के बाद इस बात पर जोर दिया कि वे भारत और यूरोपीय संघ के देशों के बीच "अधिक सहयोग" की उम्मीद कर रहे हैं।

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