‘मैं भारत में रहता हूँ, जहाँ 45°C तापमान अब आम बात है, कल ये सबकी वास्तविकता हो सकती है’

भारत के चेन्नई शहर के स्कूलों से लेकर दुनिया के बड़े महानगरों तक, भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत, पढ़ाई, कामकाज और दैनिक जीवन को गम्भीर रूप से प्रभावित कर रही है. भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के प्रमुख बालकृष्ण पिसुपति का कहना है कि अगर शहरों ने समय रहते टिकाऊ शीतलन उपाय नहीं अपनाए, तो भीषण गर्मी से दुनिया भर के कई शहर रहने योग्य नहीं रह जाएँगे.

PNSPNS
Jun 6, 2026 - 10:50
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‘मैं भारत में रहता हूँ, जहाँ 45°C तापमान अब आम बात है, कल ये सबकी वास्तविकता हो सकती है’
भारत के चेन्नई शहर के स्कूलों से लेकर दुनिया के बड़े महानगरों तक, भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत, पढ़ाई, कामकाज और दैनिक जीवन को गम्भीर रूप से प्रभावित कर रही है. भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के प्रमुख बालकृष्ण पिसुपति का कहना है कि अगर शहरों ने समय रहते टिकाऊ शीतलन उपाय नहीं अपनाए, तो भीषण गर्मी से दुनिया भर के कई शहर रहने योग्य नहीं रह जाएँगे.

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