Faculty Development: IIT Delhi का बड़ा कदम, युवा Research टैलेंट को मिलेगा बूस्ट, शुरू हुआ खास Accelerator Program

आईआईटी दिल्ली ने शोध को बढ़ावा देने और युवा संकाय सदस्यों को सशक्त बनाने के लिए एक कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस कार्यक्रम का नाम दीपक राघवन फैमिली फाउंडेशन एक्सेलरेटर कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के पहल के माध्यम से संकाय सदस्य एक मजबूत और स्वतंत्र शोध कार्यक्रम विकसित कर सकेंगे। साथ ही संकाय सदस्य संस्थान में शिक्षण के साथ-साथ अकादमिक नेतृत्व में भी योगदान दे सकेंगे।उद्देश्यइस कार्यक्रम को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य 45 साल या उससे कम उम्र के संकाय सदस्यों के लिए 5 वर्षीय एंडोवेड चेयर प्रोफेसरशिप प्रदान करना है। यह किसी संकाय सदस्य को दिए जाने वाला सर्वोच्च अकादमिक सम्मान माना जाता है। इस कार्यक्रम के तहत शोद अनुदान दिलाया जाएगा। इसका उपयोग सॉफ्टवेयर और उपकरण की खरीद, फील्ड वर्क, प्रयोग, प्रोटोटाइप विकास और पोस्ट डॉक्टोरल शोधार्थियों और शोध कर्मचारियों की नियुक्ति में होगा।इसे भी पढ़ें: RRC-NR Apprentice: 4116 पदों का इंतजार खत्म, रेलवे ने जारी किया रिजल्ट, यहां देखें लिस्टयह कार्यक्रम उद्योग और बाहरी संस्थानों के साथ साथ पार्टनरशिप को भी प्रोत्साहित करता है। इससे शोध को वास्तविक जीवन में लागू करने, नई तकनीकों और पेटेंट के विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके। बता दें कि इस कार्यक्रम का संचालन IIT दिल्ली अक्षय प्रबंधन फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। इसकी स्थापना IIT दिल्ली के एल्युमनी डॉ दीपक राघवन ने की है। इस मौके पर IIT दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि देश के चुनिंदा बेस्ट शोधार्थी और शैक्षणिक प्रतिभाएं संस्थान में मौजूद हैं।

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Feb 11, 2026 - 15:08
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Faculty Development: IIT Delhi का बड़ा कदम, युवा Research टैलेंट को मिलेगा बूस्ट, शुरू हुआ खास Accelerator Program
आईआईटी दिल्ली ने शोध को बढ़ावा देने और युवा संकाय सदस्यों को सशक्त बनाने के लिए एक कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस कार्यक्रम का नाम दीपक राघवन फैमिली फाउंडेशन एक्सेलरेटर कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के पहल के माध्यम से संकाय सदस्य एक मजबूत और स्वतंत्र शोध कार्यक्रम विकसित कर सकेंगे। साथ ही संकाय सदस्य संस्थान में शिक्षण के साथ-साथ अकादमिक नेतृत्व में भी योगदान दे सकेंगे।

उद्देश्य

इस कार्यक्रम को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य 45 साल या उससे कम उम्र के संकाय सदस्यों के लिए 5 वर्षीय एंडोवेड चेयर प्रोफेसरशिप प्रदान करना है। यह किसी संकाय सदस्य को दिए जाने वाला सर्वोच्च अकादमिक सम्मान माना जाता है। इस कार्यक्रम के तहत शोद अनुदान दिलाया जाएगा। इसका उपयोग सॉफ्टवेयर और उपकरण की खरीद, फील्ड वर्क, प्रयोग, प्रोटोटाइप विकास और पोस्ट डॉक्टोरल शोधार्थियों और शोध कर्मचारियों की नियुक्ति में होगा।

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यह कार्यक्रम उद्योग और बाहरी संस्थानों के साथ साथ पार्टनरशिप को भी प्रोत्साहित करता है। इससे शोध को वास्तविक जीवन में लागू करने, नई तकनीकों और पेटेंट के विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके। बता दें कि इस कार्यक्रम का संचालन IIT दिल्ली अक्षय प्रबंधन फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। इसकी स्थापना IIT दिल्ली के एल्युमनी डॉ दीपक राघवन ने की है। इस मौके पर IIT दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि देश के चुनिंदा बेस्ट शोधार्थी और शैक्षणिक प्रतिभाएं संस्थान में मौजूद हैं।

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