हत्या मामले के फरार आरोपी को पानीपत से गिरफ्तार किया गया: दिल्ली पुलिस
हत्या के एक मामले में पिछले चार साल से फरारआरोपी को दिल्ली पुलिस ने हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक बयान में बताया कि आरोपी सोनू उर्फ मनोज को शनिवार को पानीपत से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, सोनू ने चार फरवरी 2016 को दिल्ली के कंझावला इलाके में अनिल नाम के युवक का अपहरण कर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी और उसकी पहचान छिपाने के लिए उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था। अनिल का निर्वस्त्र शव कंझावला क्षेत्र में मिला था। पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपी ने अपने साथी सोंबीर और पंकज के साथ मिलकर अनिल की जान लेने की साजिश रची थी। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया, “आरोपियों ने स्कॉर्पियो गाड़ी के जरिये अनिल का अपहरण किया, फिर उसके सीने में गोली मारी और मृतक की पहचान छिपाने के लिए उसका सिर धड़ से अलग कर पास के एक नाले में फेंक दिया था।” वर्ष 2020 में आरोपी को अदालत से यह अनुरोध करने पर अंतरिम जमानत मिली थी कि उसके पिता को कैंसर है और उनका उपचार होना है। लेकिन जमानत परजेल से बाहर आने के बाद सोनू फरार हो गया और तब से लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा था। वह ट्रक चालक के तौर पर काम कर रहा था। अधिकारी ने बताया कि उसे वर्ष 2023 में भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी को कई राज्यों में तलाश के बाद हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार किया गया है।
हत्या के एक मामले में पिछले चार साल से फरारआरोपी को दिल्ली पुलिस ने हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक बयान में बताया कि आरोपी सोनू उर्फ मनोज को शनिवार को पानीपत से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, सोनू ने चार फरवरी 2016 को दिल्ली के कंझावला इलाके में अनिल नाम के युवक का अपहरण कर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी और उसकी पहचान छिपाने के लिए उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था। अनिल का निर्वस्त्र शव कंझावला क्षेत्र में मिला था।
पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपी ने अपने साथी सोंबीर और पंकज के साथ मिलकर अनिल की जान लेने की साजिश रची थी। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया, “आरोपियों ने स्कॉर्पियो गाड़ी के जरिये अनिल का अपहरण किया, फिर उसके सीने में गोली मारी और मृतक की पहचान छिपाने के लिए उसका सिर धड़ से अलग कर पास के एक नाले में फेंक दिया था।”
वर्ष 2020 में आरोपी को अदालत से यह अनुरोध करने पर अंतरिम जमानत मिली थी कि उसके पिता को कैंसर है और उनका उपचार होना है। लेकिन जमानत परजेल से बाहर आने के बाद सोनू फरार हो गया और तब से लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा था। वह ट्रक चालक के तौर पर काम कर रहा था।
अधिकारी ने बताया कि उसे वर्ष 2023 में भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी को कई राज्यों में तलाश के बाद हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार किया गया है।
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