त्रिभाषा नीति, नीट के पीछे पूरा विचार किसी तरह तमिलनाडु में हिंदी थोपना है: उदयनिधि

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा त्रिनीति, नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) और नयी शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के पीछे पूरा विचार किसी तरह तमिलनाडु में हिंदी को ‘थोपना’ है। विद्यार्थियों से केंद्र की ‘साजिश’ के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए उदयनिधि ने केंद्र सरकार पर नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) और त्रिनीति के जरिए तमिलनाडु में शिक्षा प्रणाली के लिए खतरा पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘आपको शिक्षा के सिलसिले में केंद्र द्वारा रची गयी साजिशों एवं खतरों को समझना चाहिए। आपको यह समझना चाहिए कि यदि आप अपने रुख पर अडिग हैं तो हमारे दुश्मन हमसे नहीं जीत सकते।’’ उपमुख्यमंत्री ने यहां नंदनम आर्ट्स कॉलेज में 4.80 करोड़ रुपये की लागत से बने 1,000 लोगों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम का उद्घाटन करने के बाद यह टिप्पणी की। ऑडिटोरियम का नाम पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के नाम पर ‘कलईगनर कलैयारंगम’ रखा गया है। उन्होंने याद दिलाया कि यह कॉलेज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1986 में इस शैक्षणिक संस्थान के विद्यार्थियों ने राज्य में हिंदी ‘थोपे जाने’ पर विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्ष के तत्कालीन नेता और द्रमुक के शीर्ष नेता करुणानिधि द्वारा हिंदी थोपे जाने के खिलाफ की गई टिप्पणियों का जिक्र करते हुए उदयनिधि ने कहा कि यह अब भी प्रासंगिक है।

PNSPNS
Apr 21, 2025 - 03:30
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त्रिभाषा नीति, नीट के पीछे पूरा विचार किसी तरह तमिलनाडु में हिंदी थोपना है: उदयनिधि

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा त्रिनीति, नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) और नयी शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के पीछे पूरा विचार किसी तरह तमिलनाडु में हिंदी को ‘थोपना’ है।

विद्यार्थियों से केंद्र की ‘साजिश’ के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए उदयनिधि ने केंद्र सरकार पर नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) और त्रिनीति के जरिए तमिलनाडु में शिक्षा प्रणाली के लिए खतरा पैदा करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘आपको शिक्षा के सिलसिले में केंद्र द्वारा रची गयी साजिशों एवं खतरों को समझना चाहिए। आपको यह समझना चाहिए कि यदि आप अपने रुख पर अडिग हैं तो हमारे दुश्मन हमसे नहीं जीत सकते।’’

उपमुख्यमंत्री ने यहां नंदनम आर्ट्स कॉलेज में 4.80 करोड़ रुपये की लागत से बने 1,000 लोगों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम का उद्घाटन करने के बाद यह टिप्पणी की। ऑडिटोरियम का नाम पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के नाम पर ‘कलईगनर कलैयारंगम’ रखा गया है।

उन्होंने याद दिलाया कि यह कॉलेज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1986 में इस शैक्षणिक संस्थान के विद्यार्थियों ने राज्य में हिंदी ‘थोपे जाने’ पर विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्ष के तत्कालीन नेता और द्रमुक के शीर्ष नेता करुणानिधि द्वारा हिंदी थोपे जाने के खिलाफ की गई टिप्पणियों का जिक्र करते हुए उदयनिधि ने कहा कि यह अब भी प्रासंगिक है।

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