गाजियाबाद पुलिस ने पीड़ितों के घर प्राथमिकी की प्रतियां पहुंचाई
गाजियाबाद पुलिस ने शिकायत प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के इरादे से 19 अप्रैल को दर्ज एक दर्जन से अधिक प्राथमिकी की प्रतियां शिकायतकर्ताओं के घरों तक पहुंचाईं। यह पहल नवनियुक्त पुलिस आयुक्त (सीपी) जे रवींद्र गौड़ के निर्देश पर शुरू की गयी है। गौड़ 2005 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं और उन्होंने 18 अप्रैल को ही कार्यभार संभाला। गौड़ ने 30 नवंबर, 2022 को कमिश्नरेट के गठन के बाद गाजियाबाद के पहले पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा का स्थान लिया। मिश्रा को अब प्रयागराज में पुलिस आयुक्त के रूप में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक आधिकारिक संचार के माध्यम से, आयुक्त गौड़ ने सभी पुलिस कर्मियों को शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मान से पेश आने, उनकी शिकायतों को ध्यान से सुनने, तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने और व्यक्तिगत रूप से उनके घरों पर उनकी प्राथमिकी की प्रति प्रदान करने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी पहली अपराध बैठक मेंपुलिस आयुक्त ने चेतावनी दी कि जुआ, तस्करी, अवैध रेत खनन, भूमि हड़पने और अपने अधिकार क्षेत्र में अन्य आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने में किसी भी तरह की विफलता के लिए थाना प्रभारी (एसएचओ) को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
गाजियाबाद पुलिस ने शिकायत प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के इरादे से 19 अप्रैल को दर्ज एक दर्जन से अधिक प्राथमिकी की प्रतियां शिकायतकर्ताओं के घरों तक पहुंचाईं।
यह पहल नवनियुक्त पुलिस आयुक्त (सीपी) जे रवींद्र गौड़ के निर्देश पर शुरू की गयी है। गौड़ 2005 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं और उन्होंने 18 अप्रैल को ही कार्यभार संभाला।
गौड़ ने 30 नवंबर, 2022 को कमिश्नरेट के गठन के बाद गाजियाबाद के पहले पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा का स्थान लिया। मिश्रा को अब प्रयागराज में पुलिस आयुक्त के रूप में स्थानांतरित किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक आधिकारिक संचार के माध्यम से, आयुक्त गौड़ ने सभी पुलिस कर्मियों को शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मान से पेश आने, उनकी शिकायतों को ध्यान से सुनने, तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने और व्यक्तिगत रूप से उनके घरों पर उनकी प्राथमिकी की प्रति प्रदान करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी पहली अपराध बैठक मेंपुलिस आयुक्त ने चेतावनी दी कि जुआ, तस्करी, अवैध रेत खनन, भूमि हड़पने और अपने अधिकार क्षेत्र में अन्य आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने में किसी भी तरह की विफलता के लिए थाना प्रभारी (एसएचओ) को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
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