बीच सुनवाई पहले जज पर फेंके कागज, फिर गाली देते हुए बोला- इसे CJI को दे देना, Supreme Court में हाई-वोल्टेज ड्रामा

सुप्रीम कोर्ट में नाटकीय हालात देखने को मिले, जब इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका पर सुनवाई के दौरान, खुद पेश हुए एक शिकायतकर्ता ने बेंच की तरफ़ कागज़ात फेंके और अपशब्द कहे। सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया। यह घटना जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। कोर्ट रूम का माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब याचिकाकर्ता ने जजों से बात करते हुए असामान्य रूप से आक्रामक लहज़ा अपनाया। शिकायतकर्ता ने अपनी दलीलों की शुरुआत में कहा कि माननीय न्यायिक सेवक, मैं आपको लखनऊ के एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देता हूं। इस टिप्पणी से अचंभित होकर न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने पूछा कि आप मुझे आदेश दे रहे हैं? आप हमें आदेश दे रहे हैं?इसे भी पढ़ें: Manish Gupta Case: जमानत के लिए High Court पहुंचा आरोपी इंस्पेक्टर, CBI को नोटिस जारी कर मांगा जवाबकोर्ट में जवाब देते हुए शिकायतकर्ता ने कहा कि मेरी तरफ से बस इतना ही है। सब कुछ रिकॉर्ड पर है। लाइव लॉ के अनुसार, इसके कुछ ही देर बाद मामला तब और बढ़ गया जब याचिकाकर्ता ने अपने केस के कागज़ात हवा में उछाल दिए और आरोप है कि चीफ जस्टिस के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत उस बेंच का हिस्सा नहीं थे। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत दखल दिया और उन्हें कोर्टरूम से बाहर निकालकर स्थिति को सामान्य किया। इस पूरी घटना के दौरान बेंच शांत रही और उसने इस गुस्से भरी प्रतिक्रिया पर कोई जवाब नहीं दिया। इसे भी पढ़ें: Delhi High Court ने Rajpal Yadav की सजा रखी बरकरार, 7 मामलों में 3-3 महीने की जेल का आदेशयह घटना इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई। शिकायतकर्ता, मामले और उसके बाद की किसी भी कार्रवाई के बारे में और जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं थी।

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Jul 11, 2026 - 09:04
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बीच सुनवाई पहले जज पर फेंके कागज, फिर गाली देते हुए बोला- इसे CJI को दे देना, Supreme Court में हाई-वोल्टेज ड्रामा
सुप्रीम कोर्ट में नाटकीय हालात देखने को मिले, जब इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका पर सुनवाई के दौरान, खुद पेश हुए एक शिकायतकर्ता ने बेंच की तरफ़ कागज़ात फेंके और अपशब्द कहे। सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया। यह घटना जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। कोर्ट रूम का माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब याचिकाकर्ता ने जजों से बात करते हुए असामान्य रूप से आक्रामक लहज़ा अपनाया। शिकायतकर्ता ने अपनी दलीलों की शुरुआत में कहा कि माननीय न्यायिक सेवक, मैं आपको लखनऊ के एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देता हूं। इस टिप्पणी से अचंभित होकर न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने पूछा कि आप मुझे आदेश दे रहे हैं? आप हमें आदेश दे रहे हैं?

इसे भी पढ़ें: Manish Gupta Case: जमानत के लिए High Court पहुंचा आरोपी इंस्पेक्टर, CBI को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

कोर्ट में जवाब देते हुए शिकायतकर्ता ने कहा कि मेरी तरफ से बस इतना ही है। सब कुछ रिकॉर्ड पर है। लाइव लॉ के अनुसार, इसके कुछ ही देर बाद मामला तब और बढ़ गया जब याचिकाकर्ता ने अपने केस के कागज़ात हवा में उछाल दिए और आरोप है कि चीफ जस्टिस के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत उस बेंच का हिस्सा नहीं थे। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत दखल दिया और उन्हें कोर्टरूम से बाहर निकालकर स्थिति को सामान्य किया। इस पूरी घटना के दौरान बेंच शांत रही और उसने इस गुस्से भरी प्रतिक्रिया पर कोई जवाब नहीं दिया। 

इसे भी पढ़ें: Delhi High Court ने Rajpal Yadav की सजा रखी बरकरार, 7 मामलों में 3-3 महीने की जेल का आदेश

यह घटना इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई। शिकायतकर्ता, मामले और उसके बाद की किसी भी कार्रवाई के बारे में और जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं थी।

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