आग लगते ही धुंआ-धुआं हो गए अमेरिका के युद्धपोत, टेंशन में ट्रंप!

दुनिया की सुपर पावर समझने वाला अमेरिका अपने हथियारों पर किस तरह से गुरूर करता है यह पूरी दुनिया कई मौकों पर देख चुकी है और इन हथियारों के दम पर ट्रंप तो कई देशों पर कब्जा करने की प्लानिंग भी करते रहते हैं। हाल ही में हथियारों से घेर कर अमेरिका ने कैसे वेनेजुएला को अपने कब्जे में ले लिया था। लेकिन अब यही हथियार अमेरिका की इज्जत मिट्टी में मिलाते हुए धुआधुआ हो रहे हैं। दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना में गिनी जाने वाली अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को लेकर ऐसी खबर सामने आई है जिसने ट्रंप को बेचैन कर दिया है। खबर है कि अमेरिका के युद्धपोतों में लगातार आग लग रही है। दरअसल युद्धप समुद्र में देश की रक्षा करने वाले बाहुबली होते हैं। इनका काम दुश्मन की पनडुब्बियों और जहाजों को खोजना, मिसाइलें दागना और तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा करना होता है। यानी कि युद्ध के दौरान इनकी भूमिका बहुत ही अहम होती है।  इसे भी पढ़ें: भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को भरेंगे उड़ान, 8 महीने का होगा मिशनइन्हीं युद्धपोतों में आग लग जाए तो सोचिए उस देश की सैन्य ताकत को कितना बड़ा नुकसान पहुंचेगा। हाल ही में अमेरिका के भी कई जंग युद्धपोतों में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। एक मिलिट्री मैगजीन नेवल एंड मर्चेंट शिप्स ने दावा किया है कि हाल ही के महीनों में अमेरिका के सबसे आधुनिक युद्धपोतों पर आग लगने बिजली की दिक्कत का मामले सामने आए हैं। इनमें यूएसएस गैराल्ट आर फोर्ट एयरक्राफ्ट करियर यूएसएस जवाल्ट डेस्ट्रो और ओले वर्क क्लास डेस्ट्रॉय यूएसएस इंगेज जैसे युद्धफो शामिल है। न्यूक्लियर पावर बैलेस्टिक मिसाइल सबमरीन यूएसएस नेवर पर एक जनरेटर में खराबी के कारण डीजल के धुएं के संपर्क में आने से 64 नाविकों के बीमा पड़ने की भी खबर आई है। इससे पहले मार्च में यूएसएस फोर्ड के ल्ड्री रूम में आग लगी थी। अप्रैल में भी यूएसएस आयजन हावर पर मेंटेनेंस के दौरान और यूएसएस जुबा पर शिपयार्ड में अपग्रेडेशन के दौरान आग लग गई थी। इसे भी पढ़ें: ग्लोबल मार्केट में बहार! Sensex 653 अंक उछला, Nifty 24,100 के पार, दमदार नतीजों के बाद TCS 4% मजबूतयुद्धपथों में आग लगने की बड़ी वजह क्या हैदरअसल अमेरिकी के युद्धपथों पर आग लगने के कारण शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम, इंजन रूम में ईंधन या तेल का रिसाव, मेंटेनेंस के दौरान मानवीय गलतियां जैसी वजह सामने आई है। लगातार ऑपरेशन का दबाव, रखरखाव और मेंटेनेंस में देरी, आग लगने के कारण रहे हैं। अमेरिकी नौसेना गेंद पोत दुनिया के लगभग हर रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में तैनात रहते हैं। लंबे समय तक लगातार समुद्र में रहने से इंजन, बिजली और अन्य सिस्टम पर ज्यादा दबाव पड़ता है। कई बार समय पर मेंटेनेंस नहीं होने के चलते आग लग जाती है। मरम्मत और सर्विसिंग में देरी से छोटी-छोटी खराबियां भी बड़ी बन जाती है। अमेरिकी नौसेना लंबे समय से शिपयार्ड क्षमता और मेंटेनेंस, बैक लॉक से परेशान भी है। आधुनिक उदोतों की लगभग हर क्षमता बिजली पर निर्भर होती है। इलेक्ट्रिकल फेल होने पर कई सिस्टम एक साथ प्रभावी हो सकते हैं और आग लगने जैसी स्थिति आ सकती है। एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल और ऑटोमेटेड सिस्टम पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने पर युद्धपोतों के लिए खतरा बताया गया है। यानी कि अमेरिकी नौसेना के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब ज्यादा एडवांस युद्धपोतें बनाना नहीं बल्कि उनकी सही तरीके से मेंटेनेंस करना है। 

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Jul 11, 2026 - 09:07
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आग लगते ही धुंआ-धुआं हो गए अमेरिका के युद्धपोत, टेंशन में ट्रंप!
दुनिया की सुपर पावर समझने वाला अमेरिका अपने हथियारों पर किस तरह से गुरूर करता है यह पूरी दुनिया कई मौकों पर देख चुकी है और इन हथियारों के दम पर ट्रंप तो कई देशों पर कब्जा करने की प्लानिंग भी करते रहते हैं। हाल ही में हथियारों से घेर कर अमेरिका ने कैसे वेनेजुएला को अपने कब्जे में ले लिया था। लेकिन अब यही हथियार अमेरिका की इज्जत मिट्टी में मिलाते हुए धुआधुआ हो रहे हैं। दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना में गिनी जाने वाली अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को लेकर ऐसी खबर सामने आई है जिसने ट्रंप को बेचैन कर दिया है। खबर है कि अमेरिका के युद्धपोतों में लगातार आग लग रही है। दरअसल युद्धप समुद्र में देश की रक्षा करने वाले बाहुबली होते हैं। इनका काम दुश्मन की पनडुब्बियों और जहाजों को खोजना, मिसाइलें दागना और तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा करना होता है। यानी कि युद्ध के दौरान इनकी भूमिका बहुत ही अहम होती है।  

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इन्हीं युद्धपोतों में आग लग जाए तो सोचिए उस देश की सैन्य ताकत को कितना बड़ा नुकसान पहुंचेगा। हाल ही में अमेरिका के भी कई जंग युद्धपोतों में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। एक मिलिट्री मैगजीन नेवल एंड मर्चेंट शिप्स ने दावा किया है कि हाल ही के महीनों में अमेरिका के सबसे आधुनिक युद्धपोतों पर आग लगने बिजली की दिक्कत का मामले सामने आए हैं। इनमें यूएसएस गैराल्ट आर फोर्ट एयरक्राफ्ट करियर यूएसएस जवाल्ट डेस्ट्रो और ओले वर्क क्लास डेस्ट्रॉय यूएसएस इंगेज जैसे युद्धफो शामिल है। न्यूक्लियर पावर बैलेस्टिक मिसाइल सबमरीन यूएसएस नेवर पर एक जनरेटर में खराबी के कारण डीजल के धुएं के संपर्क में आने से 64 नाविकों के बीमा पड़ने की भी खबर आई है। इससे पहले मार्च में यूएसएस फोर्ड के ल्ड्री रूम में आग लगी थी। अप्रैल में भी यूएसएस आयजन हावर पर मेंटेनेंस के दौरान और यूएसएस जुबा पर शिपयार्ड में अपग्रेडेशन के दौरान आग लग गई थी। 

इसे भी पढ़ें: ग्लोबल मार्केट में बहार! Sensex 653 अंक उछला, Nifty 24,100 के पार, दमदार नतीजों के बाद TCS 4% मजबूत

युद्धपथों में आग लगने की बड़ी वजह क्या है

दरअसल अमेरिकी के युद्धपथों पर आग लगने के कारण शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम, इंजन रूम में ईंधन या तेल का रिसाव, मेंटेनेंस के दौरान मानवीय गलतियां जैसी वजह सामने आई है। लगातार ऑपरेशन का दबाव, रखरखाव और मेंटेनेंस में देरी, आग लगने के कारण रहे हैं। अमेरिकी नौसेना गेंद पोत दुनिया के लगभग हर रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में तैनात रहते हैं। लंबे समय तक लगातार समुद्र में रहने से इंजन, बिजली और अन्य सिस्टम पर ज्यादा दबाव पड़ता है। कई बार समय पर मेंटेनेंस नहीं होने के चलते आग लग जाती है। मरम्मत और सर्विसिंग में देरी से छोटी-छोटी खराबियां भी बड़ी बन जाती है। अमेरिकी नौसेना लंबे समय से शिपयार्ड क्षमता और मेंटेनेंस, बैक लॉक से परेशान भी है। आधुनिक उदोतों की लगभग हर क्षमता बिजली पर निर्भर होती है। इलेक्ट्रिकल फेल होने पर कई सिस्टम एक साथ प्रभावी हो सकते हैं और आग लगने जैसी स्थिति आ सकती है। एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल और ऑटोमेटेड सिस्टम पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने पर युद्धपोतों के लिए खतरा बताया गया है। यानी कि अमेरिकी नौसेना के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब ज्यादा एडवांस युद्धपोतें बनाना नहीं बल्कि उनकी सही तरीके से मेंटेनेंस करना है। 

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