अजातशत्रु जनरल खंडूरी ने जनजातीय बच्चों को संरक्षण दियाः तरुण विजय

आज जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी को झाझरा स्थित जनजातीय गुरुकुल दून संस्कृति विद्यालय में छात्रों, अध्यापकों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। स्व जनरल खंडूरी इस विद्यालय के संरक्षक संस्थापक थे और तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी और समय मुख्यमंत्री एन डी तिवारी साथ विद्यालय उद्घाटन में महती भूमिका निभायी थी। निदेशक श्री ऋत्विक विजय ने जनरल खंडूरी के जीवन तथा उत्तराखंड और देश के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला।विद्यालय के प्रमुख पूर्व सांसद तरुण अश्रुपूरित श्रद्धांजलि कहा कि जनरल साहब सेना के कठोर जनरल, जनता के मृदुल मित्र, दलों की विचारधाराओं परे अजातशत्रु नेता थे जिन्होंने गरीब जनजातीय बच्चों के लिए विद्यालय स्थापित करने में महती भूमिका निभायी। उन्होंने कहा जब वे विद्यालय की कल्पना लेकर 1999 में उनके पास गए तो श्री नारायण दत्त तिवारी तब संसदीय लोक लेखा समिति अध्यक्ष थे। मैं तब पाञ्चजन्य का मुख्य संपादक था। जनरल साहब वैचारिक भेद लांघ कर मुझे संसद में तिवारी जी से मिलाने गए और तिवारी जी को विद्यालय की सहायता हेतु राजी कर लिया तथा उनको विद्यालय संरक्षक पद को स्वीकार करने हेतु भी मन लिया मना लिया। कांग्रेस मुख्यमंत्री होते हुए भी जनरल खंडूरी जी कारण तिवारीजी ने विद्यालय को भरपूर सहायता दी और अटलजी को उद्घाटन के लिए लिए आमंत्रित किया।  तरुण विजय कि जनरल खंडूरी उत्तराखंड के 'हेमवतीनंदन" थे, अनुशासन प्रिय, भ्रष्टाचार शत्रु और सामान्य पहाड़ी- मैदानी के बड़े भाई। 

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May 20, 2026 - 12:17
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अजातशत्रु जनरल खंडूरी ने जनजातीय बच्चों को संरक्षण दियाः तरुण विजय
आज जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी को झाझरा स्थित जनजातीय गुरुकुल दून संस्कृति विद्यालय में छात्रों, अध्यापकों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। स्व जनरल खंडूरी इस विद्यालय के संरक्षक संस्थापक थे और तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी और समय मुख्यमंत्री एन डी तिवारी साथ विद्यालय उद्घाटन में महती भूमिका निभायी थी। निदेशक श्री ऋत्विक विजय ने जनरल खंडूरी के जीवन तथा उत्तराखंड और देश के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

विद्यालय के प्रमुख पूर्व सांसद तरुण अश्रुपूरित श्रद्धांजलि कहा कि जनरल साहब सेना के कठोर जनरल, जनता के मृदुल मित्र, दलों की विचारधाराओं परे अजातशत्रु नेता थे जिन्होंने गरीब जनजातीय बच्चों के लिए विद्यालय स्थापित करने में महती भूमिका निभायी। उन्होंने कहा जब वे विद्यालय की कल्पना लेकर 1999 में उनके पास गए तो श्री नारायण दत्त तिवारी तब संसदीय लोक लेखा समिति अध्यक्ष थे। मैं तब पाञ्चजन्य का मुख्य संपादक था। जनरल साहब वैचारिक भेद लांघ कर मुझे संसद में तिवारी जी से मिलाने गए और तिवारी जी को विद्यालय की सहायता हेतु राजी कर लिया तथा उनको विद्यालय संरक्षक पद को स्वीकार करने हेतु भी मन लिया मना लिया। कांग्रेस मुख्यमंत्री होते हुए भी जनरल खंडूरी जी कारण तिवारीजी ने विद्यालय को भरपूर सहायता दी और अटलजी को उद्घाटन के लिए लिए आमंत्रित किया। 
 
तरुण विजय कि जनरल खंडूरी उत्तराखंड के 'हेमवतीनंदन" थे, अनुशासन प्रिय, भ्रष्टाचार शत्रु और सामान्य पहाड़ी- मैदानी के बड़े भाई। 

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