चेन्नई हवाई अड्डे पर मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए अभिनेता रजनीकांत ने चुनाव प्रचार के दौरान युवाओं और प्रशंसकों द्वारा अभिनेता से नेता बने विजय की गाड़ी के सामने दौड़ने, गाड़ी चलाने या खुद को फेंकने से जुड़े खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रशंसकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अगर वे अपने स्टार को देखने की चाह में खुद को चोट पहुंचाते हैं, तो नुकसान उन्हीं का होगा, न कि उनके आदर्श का। उन्होंने कहा कि युवाओं को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि युवाओं के प्रारंभिक वर्षों में शिक्षा ही एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए।
रजनीकांत ने आगे कहा कि पढ़ाई के लिए निर्धारित इस समय को अगर आप नज़रअंदाज़ करेंगे, तो आगे चलकर आपको बहुत कष्ट सहना पड़ेगा। आपका ध्यान और एकाग्रता पूरी तरह से आपकी शिक्षा पर केंद्रित होनी चाहिए। रजनीकांत ने युवाओं से कहा कि वे नायक पूजा से ऊपर शिक्षा और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने की भी सलाह दी और कहा कि नशा न केवल व्यक्ति को बर्बाद करता है, बल्कि उसके माता-पिता और परिवार के सदस्यों का जीवन भी तबाह कर देता है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर आपके ऐसे दोस्त हैं जो आपको ऐसी चीजों की ओर ले जाते हैं, तो उनसे दूर रहें।
वहीं, तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यदि मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के पास ‘पूर्ण शक्तियां’ होतीं, तो यहां टीवीके का चुनाव प्रचार नहीं हो पाता। विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री किसी न किसी तरह की बाधा खड़ी करके हमें आने से रोकते। लेकिन अब, जैसा कि इसे कार्यवाहक सरकार कहा जाता है और वह (स्टालिन) एक अधिकारहीन मुख्यमंत्री हैं।