सबको गिने जाने व सबकी परवाह: समावेशी जनगणना क्यों ज़रूरी

भारत के गोवा प्रदेश में बैंगनी रौशनी से दमकते एक भव्य हॉल में, लगभग 15 देशों के प्रतिनिधि  'International Purple Festival 2025' के लिए एकत्र हुए. यह कोई साधारण नीति बैठक नहीं थी. संगीत, हँसी के ठहाके और दीवारों पर लगी कलाकृतियाँ बता रही थीं कि समावेशन दान नहीं, एक उत्सव है. फिर भी तालियों के बीच एक सच्चाई बार-बार सामने आई. दुनिया को आज भी ठीक से मालूम नहीं है कि कितने लोग विकलांगता के साथ जी रहे हैं. जब गिनती सही नहीं होती, तो बहुत से लोग नज़र से ओझल रह जाते हैं. और जो नज़र नहीं आते, वे अक्सर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़गार से जुड़े फ़ैसलों में पीछे रह जाते हैं.

PNSPNS
Nov 4, 2025 - 10:11
 0
सबको गिने जाने व सबकी परवाह: समावेशी जनगणना क्यों ज़रूरी
भारत के गोवा प्रदेश में बैंगनी रौशनी से दमकते एक भव्य हॉल में, लगभग 15 देशों के प्रतिनिधि  'International Purple Festival 2025' के लिए एकत्र हुए. यह कोई साधारण नीति बैठक नहीं थी. संगीत, हँसी के ठहाके और दीवारों पर लगी कलाकृतियाँ बता रही थीं कि समावेशन दान नहीं, एक उत्सव है. फिर भी तालियों के बीच एक सच्चाई बार-बार सामने आई. दुनिया को आज भी ठीक से मालूम नहीं है कि कितने लोग विकलांगता के साथ जी रहे हैं. जब गिनती सही नहीं होती, तो बहुत से लोग नज़र से ओझल रह जाते हैं. और जो नज़र नहीं आते, वे अक्सर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़गार से जुड़े फ़ैसलों में पीछे रह जाते हैं.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow