राजस्थान के आरएपीएस संयंत्र में हाइड्रोजन सल्फाइड रिसने से बेहोश हुए मजदूर की नौ दिन बाद मौत

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में रावतभाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र (आरएपीएस) के भारी पानी संयंत्र में ‘हाइड्रोजन सल्फाइड’ गैस के रिसाव के कारण कुछ दिन पहले बेहोश हुए एक मजदूर की मौत हो गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मजदूर धर्मेंद्र लोहार और आरएपीएस में एक ठेकेदार के अधीन काम करने वाले चार अन्य श्रमिक 25 अक्टूबर को रखरखाव कार्य के दौरान भारी पानी संयंत्र में ‘हाइड्रोजन सल्फाइड’ गैस के रिसाव के बाद बेहोश हो गए थे। एक अधिकारी ने बताया कि रिसाव के कारण बेहोश हुए चार अन्य मजदूरों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। रावतभाटा थाने के सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) शांतिलाल बुनकर ने सोमवार सुबह पत्रकारों को बताया कि वेंटिलेटर पर रखे गए धर्मेंद्र लोहार की रविवार देर रात कोटा के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। लोहार लगभग 15 से 20 वर्षों से आरएपीएस स्थित भारी जल संयंत्र में संविदा श्रमिक के रूप में कार्यरत था। इस बीच लोहार की बहन ने संयंत्र प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है। एएसआई ने बताया कि कोटा के महाराव भीमसिंह (एमबीएस) अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जा रहा है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि लोहार की बहन चित्तौड़ के भैंसरोडगढ़ निवासी सीमा लोहार ने शिकायत दर्ज कराई है कि भारी जल संयंत्र में जहरीली गैस के रिसाव के बाद उसका भाई बेहोश होकर गिर पड़ा। मामले में आगे की जांच जारी है।

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Nov 3, 2025 - 17:46
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राजस्थान के आरएपीएस संयंत्र में हाइड्रोजन सल्फाइड रिसने से बेहोश हुए मजदूर की नौ दिन बाद मौत

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में रावतभाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र (आरएपीएस) के भारी पानी संयंत्र में ‘हाइड्रोजन सल्फाइड’ गैस के रिसाव के कारण कुछ दिन पहले बेहोश हुए एक मजदूर की मौत हो गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

मजदूर धर्मेंद्र लोहार और आरएपीएस में एक ठेकेदार के अधीन काम करने वाले चार अन्य श्रमिक 25 अक्टूबर को रखरखाव कार्य के दौरान भारी पानी संयंत्र में ‘हाइड्रोजन सल्फाइड’ गैस के रिसाव के बाद बेहोश हो गए थे। एक अधिकारी ने बताया कि रिसाव के कारण बेहोश हुए चार अन्य मजदूरों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

रावतभाटा थाने के सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) शांतिलाल बुनकर ने सोमवार सुबह पत्रकारों को बताया कि वेंटिलेटर पर रखे गए धर्मेंद्र लोहार की रविवार देर रात कोटा के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। लोहार लगभग 15 से 20

वर्षों से आरएपीएस स्थित भारी जल संयंत्र में संविदा श्रमिक के रूप में कार्यरत था। इस बीच लोहार की बहन ने संयंत्र प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है।

एएसआई ने बताया कि कोटा के महाराव भीमसिंह (एमबीएस) अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जा रहा है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि लोहार की बहन चित्तौड़ के भैंसरोडगढ़ निवासी सीमा लोहार ने शिकायत दर्ज कराई है कि भारी जल संयंत्र में जहरीली गैस के रिसाव के बाद उसका भाई बेहोश होकर गिर पड़ा। मामले में आगे की जांच जारी है।

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