भारत के लिए PoK में घुस गया तालिबान? पाकिस्तान आर्मी पर जमकर मचाया कहर

पाकिस्तान पर इस वक्त अफगानिस्तान की तरफ से आफत कहर बनकर टूट रही है। पाकिस्तान अफगानिस्तान बॉर्डर पर इस समय तनाव अपने चरम पर है। इधर पाकिस्तान की सेना तालिबान की सेना के साथ उलझी हुई है। दूसरी तरफ तालिबान के लड़ाके भी पाकिस्तान पर आफत बनकर टूट पड़े हैं। पाकिस्तान जिन्हें आतंकी बुलाता है। वहीं इस समय पाकिस्तान पर जबरदस्त कहर बरपा रहे हैं। सेना से लेकर तालिबान के लड़ाकों तक सभी के साथ पाकिस्तान इस समय भीषण झड़प में उलझा है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में रात भर गोलीबारी चली। लेकिन उस बार तालिबान लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच हुआ ये तनाव अफगानिस्तान बॉर्डर पर नहीं बल्कि पीओके में हुआ है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में रातभर तालिबान के लड़ाकों और पाकिस्तानी पुलिस के बीच गोलीबारी चली। इसे भी पढ़ें: पटेल की PoK पर लिखी गई चिट्ठी में ऐसा क्या है? नेहरू-सरदार के बीच हुए ऐतिहासिक संवाद का MRI स्कैनपाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रातभर चली मुठभेड़ में आखिरकार दो पुलिस अधिकारी और चार तालिबानी आतंकवादी मारे गए। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षा बलों को आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी और उन्होंने क्षेत्र के रावलकोट जिले के हुसैन कोट वन क्षेत्र में अभियान शुरू किया था। रावलकोट के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रियाज मुगल ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद छापेमारी की। उन्होंने बताया कि आतंकवादी एक गुफा में छिपे हुए थे और उन्हें घेर लिया गया था, लेकिन जब पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो आतंकवादियों में से एक ने अधिकारियों पर ग्रेनेड फेंका, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इसे भी पढ़ें: रण से याचना की मुद्रा में आया पाकिस्तान, गिड़गिड़ाते हुए भारत से कहा- सिंधु जल संधि पर फिर से करें विचारयह एक दुर्लभ घटना थी जब पुलिस ने पीओके में टीटीपी आतंकवादियों को मार गिराया। टीटीपी, जिसे पाकिस्तान तालिबान के नाम से भी जाना जाता है, की स्थापना 2007 में कई आतंकवादी संगठनों के एक छत्र समूह के रूप में की गई थी। इस समूह की अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के आदिवासी क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति है। जब्बार ने दावा किया कि पुलिस ने इस प्रतिबंधित संगठन द्वारा हमलों के लिए क्षेत्र में एक आधार स्थापित करने के प्रयास को विफल कर दिया। Stay updated with Latest International News in Hindi on Prabhasakshi     

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May 31, 2025 - 03:31
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भारत के लिए PoK में घुस गया तालिबान? पाकिस्तान आर्मी पर जमकर मचाया कहर

पाकिस्तान पर इस वक्त अफगानिस्तान की तरफ से आफत कहर बनकर टूट रही है। पाकिस्तान अफगानिस्तान बॉर्डर पर इस समय तनाव अपने चरम पर है। इधर पाकिस्तान की सेना तालिबान की सेना के साथ उलझी हुई है। दूसरी तरफ तालिबान के लड़ाके भी पाकिस्तान पर आफत बनकर टूट पड़े हैं। पाकिस्तान जिन्हें आतंकी बुलाता है। वहीं इस समय पाकिस्तान पर जबरदस्त कहर बरपा रहे हैं। सेना से लेकर तालिबान के लड़ाकों तक सभी के साथ पाकिस्तान इस समय भीषण झड़प में उलझा है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में रात भर गोलीबारी चली। लेकिन उस बार तालिबान लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच हुआ ये तनाव अफगानिस्तान बॉर्डर पर नहीं बल्कि पीओके में हुआ है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में रातभर तालिबान के लड़ाकों और पाकिस्तानी पुलिस के बीच गोलीबारी चली। 

इसे भी पढ़ें: पटेल की PoK पर लिखी गई चिट्ठी में ऐसा क्या है? नेहरू-सरदार के बीच हुए ऐतिहासिक संवाद का MRI स्कैन

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रातभर चली मुठभेड़ में आखिरकार दो पुलिस अधिकारी और चार तालिबानी आतंकवादी मारे गए। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षा बलों को आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी और उन्होंने क्षेत्र के रावलकोट जिले के हुसैन कोट वन क्षेत्र में अभियान शुरू किया था। रावलकोट के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रियाज मुगल ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद छापेमारी की। उन्होंने बताया कि आतंकवादी एक गुफा में छिपे हुए थे और उन्हें घेर लिया गया था, लेकिन जब पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो आतंकवादियों में से एक ने अधिकारियों पर ग्रेनेड फेंका, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। 

इसे भी पढ़ें: रण से याचना की मुद्रा में आया पाकिस्तान, गिड़गिड़ाते हुए भारत से कहा- सिंधु जल संधि पर फिर से करें विचार

यह एक दुर्लभ घटना थी जब पुलिस ने पीओके में टीटीपी आतंकवादियों को मार गिराया। टीटीपी, जिसे पाकिस्तान तालिबान के नाम से भी जाना जाता है, की स्थापना 2007 में कई आतंकवादी संगठनों के एक छत्र समूह के रूप में की गई थी। इस समूह की अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के आदिवासी क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति है। जब्बार ने दावा किया कि पुलिस ने इस प्रतिबंधित संगठन द्वारा हमलों के लिए क्षेत्र में एक आधार स्थापित करने के प्रयास को विफल कर दिया। 

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