पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए बोझ बांटने की तैयारी, रिफाइनरियों को लगेगा झटका
पश्चिम एशिया संकट से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं।
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