नियामक उपायों से नवाचारों को बढ़ावा मिलना चाहिए: सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को ऐसे नियामक उपायों की जरूरत पर जोर दिया, जो तकनीकी नवाचार, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को जिम्मेदारी के साथ बढ़ावा दें, न कि उसे हतोत्साहित करें। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट विकसित भारत के लिए एआई: तेज आर्थिक वृद्धि के अवसर जारी करते हुए यह बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार न केवल एआई तकनीकों को अपनाने के लिए, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में उनका जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, हम ऐसे नियामक उपाय नहीं चाहते हैं, जो सचमुच तकनीक को ही खत्म कर दे। हम ऐसे नियमन चाहते हैं जो जिम्मेदार अनुप्रयोग को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा, एआई तेजी से बढ़ रही हमारे वक्त की सच्चाई है। इसलिए हम सभी को सचेत रहना होगा कि हम नैतिकता से पीछे न हटें, क्योंकि एआई की अपनी चुनौतियां भी हो सकती हैं। सीतारमण ने आगे कहा कि चुनौतियां सिर्फ नौकरियों में ही नहीं हैं, बल्कि इस बात को लेकर भी हैं कि इनका दुरुपयोग कैसे रोका जाए। रिपोर्ट के अनुसार जहां एक ओर एआई कई नई भूमिकाएं तैयार करेगा, वहीं दूसरी ओर यह कई मौजूदा नौकरियों को भी विस्थापित भी करेगा। विशेष रूप से लिपिकीय और निम्न कौशल वाले क्षेत्रों में ऐसा होगा।

PNSPNS
Sep 16, 2025 - 04:30
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नियामक उपायों से नवाचारों को बढ़ावा मिलना चाहिए: सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को ऐसे नियामक उपायों की जरूरत पर जोर दिया, जो तकनीकी नवाचार, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को जिम्मेदारी के साथ बढ़ावा दें, न कि उसे हतोत्साहित करें।

उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट विकसित भारत के लिए एआई: तेज आर्थिक वृद्धि के अवसर जारी करते हुए यह बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार न केवल एआई तकनीकों को अपनाने के लिए, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में उनका जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, हम ऐसे नियामक उपाय नहीं चाहते हैं, जो सचमुच तकनीक को ही खत्म कर दे। हम ऐसे नियमन चाहते हैं जो जिम्मेदार अनुप्रयोग को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा, एआई तेजी से बढ़ रही हमारे वक्त की सच्चाई है। इसलिए हम सभी को सचेत रहना होगा कि हम नैतिकता से पीछे न हटें, क्योंकि एआई की अपनी चुनौतियां भी हो सकती हैं।

सीतारमण ने आगे कहा कि चुनौतियां सिर्फ नौकरियों में ही नहीं हैं, बल्कि इस बात को लेकर भी हैं कि इनका दुरुपयोग कैसे रोका जाए। रिपोर्ट के अनुसार जहां एक ओर एआई कई नई भूमिकाएं तैयार करेगा, वहीं दूसरी ओर यह कई मौजूदा नौकरियों को भी विस्थापित भी करेगा। विशेष रूप से लिपिकीय और निम्न कौशल वाले क्षेत्रों में ऐसा होगा।

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