देश में लॉजिस्टिक लागत घटकर जीडीपी के नौ प्रतिशत पर आ गई: Nitin Gadkari

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि अच्छी सड़कों के कारण सरकार ने लॉजिस्टिक लागत को जीडीपी के 16 प्रतिशत से घटाकर नौ प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। गडकरी ने अमेजन संभव शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि लॉजिस्टिक क्षेत्र में वैकल्पिक ईंधन, जैव-ईंधन और खास तौर पर हाइड्रोजन की तरफ बढ़ना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अगले 10 वर्षों में ऊर्जा का निर्यातक बन जाएगा। गडकरी ने कहा कि चीन में लॉजिस्टिक की लागत जीडीपी का आठ प्रतिशत है, यूरोप और अमेरिका में 12 प्रतिशत है लेकिन भारत में यह 16 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। उन्होंने कहा, अभी-अभी हमें आईआईएम बैंगलोर, आईआईटी चेन्नई और आईआईटी कानपुर से एक रिपोर्ट मिली है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि अच्छी सड़कों के कारण अब लॉजिस्टिक्स लागत में छह प्रतिशत की कमी आई है। परिवहन मंत्री ने कहा, हालांकि यह रिपोर्ट एक साल पहले की है। मेरा वादा था कि आठ दिसंबर से पहले लॉजिस्टिक लागत को इ्काई अंक में यानी नौ प्रतिशत पर लेकर आना है। मुझे पूरा भरोसा है कि आज यह लागत नौ प्रतिशत पर आ गई है। गडकरी ने कहा कि अच्छी सड़कों के अलावा सरकार ईंधन क्षेत्र में भी रोकथाम के उपाय कर रही है। उन्होंने कहा, हम 22 लाख करोड़ रुपये के जीवाश्म ईंधन का आयात करते हैं और इसी वजह से हमें प्रदूषण की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के लोग पेट्रोल-डीजल से होने वाले प्रदूषण के कारण पहले से ही गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। वायु प्रदूषण का 40 प्रतिशत हिस्सा परिवहन क्षेत्र के कारण है। ऐसे में हमने ईंधन बदलने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब इलेक्ट्रिक वाहन मौजूद हैं, लेकिन वैकल्पिक ईंधनों में भी जैव ईंधन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बजाज स्कूटर की सीएनजी मोटरसाइकिल ने ईंधन की लागत को एक रुपये प्रति किलोमीटर तक कम कर दिया है।

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Dec 12, 2025 - 00:07
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देश में लॉजिस्टिक लागत घटकर जीडीपी के नौ प्रतिशत पर आ गई:  Nitin Gadkari

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि अच्छी सड़कों के कारण सरकार ने लॉजिस्टिक लागत को जीडीपी के 16 प्रतिशत से घटाकर नौ प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

गडकरी ने अमेजन संभव शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि लॉजिस्टिक क्षेत्र में वैकल्पिक ईंधन, जैव-ईंधन और खास तौर पर हाइड्रोजन की तरफ बढ़ना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अगले 10 वर्षों में ऊर्जा का निर्यातक बन जाएगा।

गडकरी ने कहा कि चीन में लॉजिस्टिक की लागत जीडीपी का आठ प्रतिशत है, यूरोप और अमेरिका में 12 प्रतिशत है लेकिन भारत में यह 16 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। उन्होंने कहा, अभी-अभी हमें आईआईएम बैंगलोर, आईआईटी चेन्नई और आईआईटी कानपुर से एक रिपोर्ट मिली है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि अच्छी सड़कों के कारण अब लॉजिस्टिक्स लागत में छह प्रतिशत की कमी आई है।

परिवहन मंत्री ने कहा, हालांकि यह रिपोर्ट एक साल पहले की है। मेरा वादा था कि आठ दिसंबर से पहले लॉजिस्टिक लागत को इ्काई अंक में यानी नौ प्रतिशत पर लेकर आना है। मुझे पूरा भरोसा है कि आज यह लागत नौ प्रतिशत पर आ गई है।

गडकरी ने कहा कि अच्छी सड़कों के अलावा सरकार ईंधन क्षेत्र में भी रोकथाम के उपाय कर रही है। उन्होंने कहा, हम 22 लाख करोड़ रुपये के जीवाश्म ईंधन का आयात करते हैं और इसी वजह से हमें प्रदूषण की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

दिल्ली के लोग पेट्रोल-डीजल से होने वाले प्रदूषण के कारण पहले से ही गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। वायु प्रदूषण का 40 प्रतिशत हिस्सा परिवहन क्षेत्र के कारण है। ऐसे में हमने ईंधन बदलने का फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि अब इलेक्ट्रिक वाहन मौजूद हैं, लेकिन वैकल्पिक ईंधनों में भी जैव ईंधन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बजाज स्कूटर की सीएनजी मोटरसाइकिल ने ईंधन की लागत को एक रुपये प्रति किलोमीटर तक कम कर दिया है।

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