गाजा में खाद्य सामग्री पाने का इंतजार कर रहे 48 फलस्तीनी मारे गए

गाजा पट्टी में खाद्य सामग्री की प्रतीक्षा कर रहे कम से कम 48 फलस्तीनी मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। एक अस्पताल ने यह जानकारी दी। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राजदूत संघर्ष समाप्त कराने संबंधी वार्ता के लिए इजराइल पहुंच रहे हैं। गाजा शहर के शिफा अस्पताल ने बताया कि ये लोग ज़िकिम क्रॉसिंग पर मौजूद भीड़ का हिस्सा थे। इसी क्रॉसिंग से उत्तरी गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाई जाती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोलीबारी किसने की और क्रॉसिंग पर नियंत्रण रखने वाली इजराइल की सेना ने भी इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। इजराइली सेना का कहना है कि वह केवल चरमपंथियों को निशाना बना रही है और वह नागरिकों की मौत के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराती है क्योंकि इस समूह के चरमपंथी घनी आबादी वाले इलाकों में सक्रिय हैं। भूख संकट पर अग्रणी अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरण के अनुसार इजराइल की सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी के कारण लगभग 20 लाख फलस्तीनयों के समक्ष अकाल जैसे हालात हैं। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ, लगभग 22 महीने से जारी युद्ध को समाप्त कराने और सात अक्टूबर को हमास के हमले में बंधक बनाए गए लोगों को रिहा कराने के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं।

PNSPNS
Aug 1, 2025 - 04:30
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गाजा में खाद्य सामग्री पाने का इंतजार कर रहे 48 फलस्तीनी मारे गए

गाजा पट्टी में खाद्य सामग्री की प्रतीक्षा कर रहे कम से कम 48 फलस्तीनी मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। एक अस्पताल ने यह जानकारी दी। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राजदूत संघर्ष समाप्त कराने संबंधी वार्ता के लिए इजराइल पहुंच रहे हैं।

गाजा शहर के शिफा अस्पताल ने बताया कि ये लोग ज़िकिम क्रॉसिंग पर मौजूद भीड़ का हिस्सा थे। इसी क्रॉसिंग से उत्तरी गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाई जाती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोलीबारी किसने की और क्रॉसिंग पर नियंत्रण रखने वाली इजराइल की सेना ने भी इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।

इजराइली सेना का कहना है कि वह केवल चरमपंथियों को निशाना बना रही है और वह नागरिकों की मौत के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराती है क्योंकि इस समूह के चरमपंथी घनी आबादी वाले इलाकों में सक्रिय हैं।

भूख संकट पर अग्रणी अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरण के अनुसार इजराइल की सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी के कारण लगभग 20 लाख फलस्तीनयों के समक्ष अकाल जैसे हालात हैं।

अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ, लगभग 22 महीने से जारी युद्ध को समाप्त कराने और सात अक्टूबर को हमास के हमले में बंधक बनाए गए लोगों को रिहा कराने के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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