ग़ाज़ा: दुनिया में सबसे ख़तरनाक हालात में काम कर रहे हैं मीडियाकर्मी

ग़ाज़ा में पत्रकारों को उन्हीं जोखिमों व वास्तविकताओं का सामना करना पड़ रहा है, जिन कठिनाइयों से वहाँ आम फ़लस्तीनी जूझ रहे हैं, और जिनकी व्यथा को वे दुनिया के सामने लाते हैं: विस्थापन, अकाल व मौत. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने सोमवार को एक मीडिया सेमिनार के लिए अपने सन्देश में क्षोभ जताया कि 7 अक्टूबर 2023 को इसराइल पर भयावह हमलों के बाद से अब तक ग़ाज़ा व क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े में 260 मीडियाकर्मी मारे जा चुके हैं.

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Dec 3, 2025 - 10:17
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ग़ाज़ा: दुनिया में सबसे ख़तरनाक हालात में काम कर रहे हैं मीडियाकर्मी
ग़ाज़ा में पत्रकारों को उन्हीं जोखिमों व वास्तविकताओं का सामना करना पड़ रहा है, जिन कठिनाइयों से वहाँ आम फ़लस्तीनी जूझ रहे हैं, और जिनकी व्यथा को वे दुनिया के सामने लाते हैं: विस्थापन, अकाल व मौत. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने सोमवार को एक मीडिया सेमिनार के लिए अपने सन्देश में क्षोभ जताया कि 7 अक्टूबर 2023 को इसराइल पर भयावह हमलों के बाद से अब तक ग़ाज़ा व क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े में 260 मीडियाकर्मी मारे जा चुके हैं.

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