ग़ाज़ा: अन्तराष्ट्रीय समुदाय को अब 'कथनी को करनी' में बदलना होगा, OCHA
लगभग दो वर्षों के भीषण युद्ध से त्रस्त ग़ाज़ा पट्टी में, अब जो कुछ बचा नज़र आता है वो केवल कुछ उम्मीद, मगर वह भी लोगों को जीवित रखने के लिए यह पर्याप्त नहीं है. संयुक्त राष्ट्र की एक वरिष्ठ मानवीय सहायताकर्मी ओल्गा चेरेवको ने युद्ध को समाप्त करने और रक्तपात रोकने के लिए और अधिक कार्रवाई किए जाने का आहवान किया है.
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