पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (पीओके) के अंदर भारत के आतंकवाद विरोधी हमलों की निंदा की और आतंकवादियों के ठिकानों पर हमलों को कायरतापूर्ण कृत्य बताया। लगातार भड़काऊ बयान देने के लिए मशहूर बिलावल भुट्टो ने कहा कि भारत द्वारा किए गए हमले युद्ध की एक अकारण, जानबूझकर की गई कार्रवाई है। पहलगाम में हुए नृशंस आतंकवादी हमले के जवाब में बुधवार तड़के भारतीय सशस्त्र बलों ने 25 मिनट तक किए गए नपे-तुले और गैर-बढ़ोतरी वाले मिसाइल और ड्रोन हमले में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा सहित नौ आतंकवादी ढांचे को नष्ट कर दिया।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के मरकज तैयबा, बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के मरकज सुभान अल्लाह और सियालकोट में हिजबुल मुजाहिदीन के मेहमूना जोया फैसिलिटी तथा बरनाला में मरकज अहले हदीस में लश्कर के अड्डे और मुजफ्फराबाद के शवाई नाला में उसके शिविर को निशाना बनाया। उनकी यह टिप्पणी भारत द्वारा 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की मौत का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के कुछ घंटों बाद आई है। पीपीपी नेता ने कहा कि पाकिस्तान को हमलों का जवाब देने का अधिकार है।
बिलावल की मां और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो आतंकवादी हमले में मारी गई थीं। भुट्टो ने कहा कि पिछले दो हफ्तों से पाकिस्तान को भारत सरकार की ओर से आक्रामक धमकियां मिल रही हैं। पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत जवाब देने का अधिकार है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के प्रमुख बिलावल भुट्टो-जरदारी ने इस्लामाबाद द्वारा आतंकवादी संगठनों का समर्थन किए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भुट्टो ने शुक्रवार को कहा था कि पाकिस्तान का अतीत चरमपंथी समूहों के साथ रहा है और इसकी वजह से उसे नुकसान उठाना पड़ा है।