आज यानी 19 अप्रैल 2026 को पूरे देशभर में अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जा रहा है। धार्मिक ग्रंथों में इस तिथि को सौभाग्य और अटूट सफलता का प्रतीक माना जाता है। अक्षय का मतलब होता है कि जिसका कभी क्षय यानी नाश न हो। आज के दिन किया जाने वाला दान, तप,पूजा-पाठ और दान-पुण्य फल कभी कम नहीं होते है। आइए आपको अक्षय तृतीया की पूजा विधि के बारे में बताते हैं।
अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त - सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समय - सुबह 10 बजकर 49 मिनट से 20 अप्रैल सुबह 5 बजकर 51 मिनट तक
मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा विधि
- सुबह उठकर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें और साफ-सुथरे विशेषकर पीले रंग के कपड़े जरुर पहनें।
- मंदिर में चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
- भगवान विष्णु का पंचामृत का अभिषेक चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद उनके भोग में तुलसी दल जरुर शामिल करें।
- अब आप माता लक्ष्मी के चरणों में कमल के फूल को अर्पित करें और उन्हें मखाने या चावल की खीर का भोग अर्पित करें।
- इस दिन आप कनकधारा स्तोत्र, श्रीसूक्त या लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।
- अब पूजा में शुद्ध घी का दीपक जलाएं और श्रद्धापूर्वक मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु की आरती करें।
इन मंत्रों का जप
-महालक्ष्मी मंत्र - ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥ (कम से कम 108 बार जप करें)
-लक्ष्मी गायत्री मंत्र - ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
-भगवान विष्णु मंत्र - ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
-कुबेर देव का मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
-अक्षय पुण्य प्राप्ति मंत्र - ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्यः सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॐ ॥
इन चीजों का करें दान
आज के पावन अवसर पर अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता और दान अवश्य करें, क्योंकि इस दिन किया गया दान अनंत पुण्य फल देने वाला माना जाता है। देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अक्षय तृतीया पर सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चीनी, खीर, शंख और सफेद वस्त्रों का दान करना विशेष शुभ माना जाता है। ऐसा करने से लक्ष्मी जी की कृपा के साथ-साथ कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है। इस दिन आप गरीबों व जरुरतमंदों को अपनी क्षमता अनुसार, अनाज जैसे गेहूं, चावल, या जौ आदि का दान कर सकते हैं। इससे आपको अक्षय फलों की प्राप्ति होगी।